October 13, 2026 7:40 pm

BREAKING NEWS

’सेवा की कहानी’ : ’पीएम किसान सम्मान निधि से अनूप की खेती को मिला संबल’ दिवाली तक UPI पेमेंट पर नहीं लगेगा MDR चार्ज, ₹2,000 से ज्यादा के भुगतान पर फैसला टला सेवा संकल्प अभियान: सेवा की कहानी : पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में अभिलाष को मिली 46,846 रुपये की राहत, बचत की पूरी राशि बहनों को दी उपहार में देहरादून के हांडी रेस्टोरेंट में गंदगी का अंबार! सड़ी-गली खाद्य सामग्री और कॉकरोच-चूहे मिलने पर रेस्टोरेंट बंद सेवा संकल्प अभियान- सेवा की कहानी’ : पायल को मिला आत्मनिर्भरता का सहारा, रोजमर्रा की जिंदगी होगी आसान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अगुवाई में युवाओं को मिली बड़ी सौग़ात, छत्तीसगढ़ को मिला पहला शासकीय होम्योपैथी कालेज

बस्तर के जैविक वनोपजों को मिलेगी वैश्विक पहचान

रायपुर, 13 अक्टूबर 2026

दंतेवाड़ा की महिला किसान उत्पादक कंपनी को मिला राष्ट्रीय जैविक प्रमाणपत्र

दंतेवाड़ा की महिला किसान उत्पादक कंपनी को मिला राष्ट्रीय जैविक प्रमाणपत्र

दंतेवाड़ा की महिला किसान उत्पादक कंपनी को मिला राष्ट्रीय जैविक प्रमाणपत्रछत्तीसगढ़ में पहली बार किसी महिला किसान उत्पादक कंपनी द्वारा संग्रहित वनोपजों को राष्ट्रीय जैविक प्रमाणपत्र मिला है। दंतेवाड़ा जिले की माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड द्वारा संग्रहित इमली, महुआ और आम को भारत सरकार के राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (NPOP) के तहत जैविक प्रमाणीकरण प्राप्त हुआ है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ प्रमाणीकरण समिति (CGCERT) की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से बस्तर के वनोपजों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नई पहचान मिलने की राह खुली है। साथ ही कंपनी से जुड़ी 930 महिलाओं के लिए आय बढ़ाने के नए अवसर सृजित होंगे।

कंपनी से जुड़ी अधिकांश महिलाएं जनजातीय समुदायों की हैं और परंपरागत रूप से वनोपज संग्रहण करती हैं। जैविक प्रमाणपत्र मिलने से उनके उत्पादों की देश के प्रीमियम जैविक बाजारों तक पहुंच आसान होने के साथ निर्यात की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। वर्तमान में कंपनी से 930 महिलाएं जुड़ी हैं। आने वाले समय में यह संख्या बढ़कर 2 हजार से अधिक होने की संभावना है।

लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे बस्तर में यह पहल आजीविका और आर्थिक सशक्तिकरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में शांति और विकास के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। इसी क्रम में अब बस्तर की प्राकृतिक संपदा को स्थानीय महिलाओं की आर्थिक समृद्धि से जोड़ने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जैविक प्रमाणीकरण से वनोपजों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रीमियम जैविक बाजार उपलब्ध होने के साथ साथ अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक निर्यात की संभावनाएं खुलेंगी। महिलाओं को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख तथा CGCERT के अध्यक्ष श्री अरुण कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में प्रमाणीकरण की सभी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। CGCERT के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अनिमेष गोवर्धन द्वारा इस प्रक्रिया में महिलाओं को आवश्यक समन्वय और तकनीकी सहयोग सुनिश्चित किया गया।

10 हजार किसानों तक पहल के विस्तार की तैयारी

वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में इस पहल का विस्तार बस्तर संभाग के लगभग 10 हजार पीजीएस (PGS) से जुड़े किसानों और अन्य महिला किसान उत्पादक कंपनियों तक किए जाने की संभावना है। इससे बस्तर को जैविक वनोपजों के प्रमुख उत्पादन एवं निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के साथ हजारों जनजातीय परिवारों की आय बढ़ाने के नए अवसर खुल सकेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!