October 14, 2026 7:59 pm

BREAKING NEWS

MP Weather Update: मध्यप्रदेश के 20 जिलों में 3 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट, 15 से 17 अक्टूबर तक बदलेगा मौसम

भोपाल
 मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के बाद एक बार फिर मौसम बदलने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी हिस्से में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ  और नए चक्रवाती तंत्र के प्रभाव से 15 से 17 अक्टूबर तक प्रदेश के करीब 20 जिलों में आंधी और बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, शुरुआत में ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में मौसम का असर दिखाई दे सकता है। इसके बाद 17 अक्टूबर को रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के जिलों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। हालांकि, भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग के लिए इस पूर्वानुमान के तहत कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती सिस्टम से बदलेगा मौसम
मौसम में बदलाव की मुख्य वजह उत्तरी भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती तंत्र को माना जा रहा है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।मानसून की विदाई के बाद अक्टूबर में होने वाली इस बारिश से तापमान और स्थानीय मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम की गतिविधियों का असर अलग-अलग जिलों में अलग समय पर दिखाई देने की संभावना है।

तीन दिन में इन इलाकों में बदलेगा मौसम
15 और 16 अक्टूबर को ग्वालियर-चंबल तथा सागर संभाग के कुछ जिलों में बारिश की संभावना है। 17 अक्टूबर को इसका दायरा बढ़कर जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग तक पहुंच सकता है। ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में आंधी-बारिश की संभावना जताई गई है।

अक्टूबर में एक साथ दिखेंगे तीन मौसम
मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के मुताबिक, पिछले दस वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान गर्मी, बारिश और ठंड तीनों का असर देखने को मिला है। इस बार भी मौसम का यही मिला-जुला रूप सामने आ रहा है। महीने की शुरुआत में आसमान साफ होने से दिन में धूप और गर्मी बढ़ी, जबकि रात के तापमान में गिरावट से ठंडक महसूस होने लगी। अब सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण कुछ जिलों में फिर बारिश हो सकती है। प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून तीन अक्टूबर को विदा हो गया था। इस बार करीब 100 दिन तक मानसून सक्रिय रहा। विदाई के बाद भी पूर्वी मध्यप्रदेश में पिछले सप्ताह कई जगह आंधी और बारिश का असर देखा गया था। हालांकि, रविवार, सोमवार और मंगलवार को प्रदेश में कहीं आंधी-बारिश दर्ज नहीं की गई।

चार महीने में सामान्य से 1.5 इंच कम बरसा पानी
इस साल जून से सितंबर तक प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर यानी करीब 35.8 इंच बारिश हुई। सामान्य आंकड़ा 949.5 मिलीमीटर यानी 37.3 इंच है। इस तरह प्रदेश में औसत से करीब चार प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। बारिश के आंकड़ों में पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश के बीच अंतर भी साफ दिखाई देता है। पूर्वी हिस्से में सामान्य से चार प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी मध्यप्रदेश में 12 प्रतिशत की कमी रही। पश्चिमी क्षेत्र के कई जिलों में बारिश का घाटा ज्यादा होने से खेती पर असर पड़ने की आशंका है।आंकड़ों के मुताबिक, आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश हुई। इन जिलों में कमी नौ से 51 प्रतिशत तक रही। दूसरी ओर, भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडोरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में बारिश का सामान्य कोटा पूरा हो गया।

जून की कमी पूरे सीजन पर पड़ी भारी
मौसम विभाग के अनुसार, जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन बाद में मानसून के दो बार कमजोर पड़ने से कई दिनों तक बारिश नहीं हुई। सीजन के अंतिम सप्ताह में सक्रिय हुए मजबूत सिस्टम के बावजूद जून की कमी पूरी तरह दूर नहीं हो सकी। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश से आंकड़ों को सहारा मिला, लेकिन पूरे सीजन का कुल आंकड़ा सामान्य से नीचे ही रहा। यही वजह है कि प्रदेश में मानसून की विदाई के समय करीब चार प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई। 

17 अक्टूबर को 20 जिलों में आंधी-बारिश की संभावना
17 अक्टूबर को प्रदेश के कई जिलों में मौसम का असर बढ़ने का अनुमान है। संभावित बारिश और आंधी से प्रभावित होने वाले जिलों की सूची इस प्रकार है

ग्वालियर-चंबल क्षेत्र: ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी और अशोकनगर।

सागर क्षेत्र: निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़।

बुंदेलखंड एवं विंध्य क्षेत्र: पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर और सिंगरौली।

महाकौशल एवं शहडोल क्षेत्र: शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट।

इन जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश की संभावना है। हालांकि, सभी जिलों में एक जैसी स्थिति रहे, यह जरूरी नहीं है।

भोपाल, इंदौर और उज्जैन में कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के बताए गए पूर्वानुमान के अनुसार, भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में फिलहाल इस बारिश को लेकर अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इसका अर्थ यह नहीं है कि इन क्षेत्रों में मौसम में कोई बदलाव नहीं होगा, बल्कि फिलहाल इन संभागों को संभावित बारिश वाले क्षेत्रों में शामिल नहीं किया गया है।

किसानों और आम लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

आंधी और गरज-चमक की स्थिति में कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बेहतर रहेगा।

तेज हवाएं चलने पर पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहें।

बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान और जलाशयों के पास खड़े होने से बचें।

किसान फसलों की कटाई, उपज के भंडारण और खुले में रखे अनाज को सुरक्षित रखने की व्यवस्था करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!