Rewa/MP/CG News :
छत्तीसगढ़ के रायपुर में पकड़े गए बांग्लादेशी दंपत्ति दिलावर खान और उसकी पत्नी से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। रायपुर में पिछले 16 वर्षों से अवैध रूप से रह रहे इस दंपत्ति ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में पहचान बनाई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि उनके पास रीवा जिले के त्योंथर स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय की फर्जी मार्कशीट थी, जिसके आधार पर उन्होंने अन्य दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट भी बनवा लिए थे।
रीवा कनेक्शन और जांच:
रायपुर पुलिस की टीम ने इस मामले की कड़ी रीवा से जुड़ते ही त्योंथर पहुंचकर जांच की। बताया गया कि यह फर्जी मार्कशीट एक हजार रुपये में तैयार की गई थी। इसी दस्तावेज के दम पर पूरे परिवार की पहचान बदली गई। दिलावर के पास से कई फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं और पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े लोगों की कुंडली खंगाल रही है।
रीवा पुलिस का बयान:
रीवा एसपी विवेक सिंह ने मामले पर बयान देते हुए कहा कि यदि रायपुर पुलिस या अन्य जांच एजेंसियां संपर्क करती हैं तो रीवा पुलिस पूरी तरह से सहयोग करेगी। फिलहाल त्योंथर स्कूल से जुड़ी फर्जी मार्कशीट की जांच रायपुर पुलिस कर रही है।
मुख्य बिंदु:
- 16 साल से रायपुर में अवैध रूप से रह रहा था बांग्लादेशी कपल
- बिरयानी और अंडे का ठेला चलाकर कर रहे थे व्यवसाय
- फर्जी दस्तावेजों के जरिए बनाई पहचान
- रीवा के त्योंथर स्कूल की फर्जी मार्कशीट बरामद
- रायपुर पुलिस कर रही नेटवर्क की गहन जांच
यह मामला न सिर्फ बांग्लादेशी घुसपैठ का उदाहरण है, बल्कि दस्तावेजों की फर्जीवाड़ा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।








