
जापान के आइची-नागोया (Aichi-Nagoya) में आयोजित 20वें एशियन गेम्स 2026 के औपचारिक आगाज के साथ ही खिलाड़ियों के ठहरने (Accommodation) को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी चुनौतियां सामने आई हैं। पारंपरिक एशियन गेम्स या ओलंपिक की तरह इस बार आयोजकों ने कोई केंद्रीकृत ‘एथलीट्स विलेज’ (Central Athletes’ Village) नहीं बनाया है। इसके बजाय लगभग 4,000 से 5,000 एथलीट्स और अधिकारियों को नागोया बंदरगाह पर खड़े एक विशाल क्रूज शिप (Costa Serena), अस्थायी कंटेनर-स्टाइल कमरों और शहर भर में बिखरे छोटे होटलों में ठहराया जा रहा है।
शुरुआती दौर में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आयोजकों द्वारा तय किए गए होटलों के कमरों के बेहद छोटे आकार और किटबैग रखने तक की जगह न होने पर आपत्ति जताई थी। अब जैसे ही श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली भारतीय पुरुष टीम जापान दौरे के लिए तैयार हुई, बीसीसीआई ने खिलाड़ियों की सुविधा, रिकवरी और बड़े दल को एकजुट रखने के लिए खुद आगे आकर बड़ा रणनीतिक कदम उठा लिया है।
बीसीसीआई सचिव देवाजीत सैकिया के अनुसार, भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने पुरुष क्रिकेट दल के लिए आयोजकों की मानक व्यवस्था से इतर अपना खुद का अलग होटल बुक करने का फैसला किया है।
बोर्ड के इस फैसले के पीछे 3 मुख्य कारण रहे:
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सपोर्ट स्टाफ और दल का बड़ा आकार: एशियन गेम्स आयोजकों द्वारा प्रति खेल दल के लिए कमरे और अधिकारियों की संख्या की एक सख्त सीमा तय की गई थी। भारतीय पुरुष टीम के साथ मुख्य कोच, बॉलिंग-फील्डिंग कोच, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग ट्रेनर्स, फिजियो और वीडियो एनालिस्ट समेत बड़ा सपोर्ट स्टाफ जा रहा है।
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टुकड़ों में बंटने से बचाना: आयोजकों के नियमों के तहत कुछ सपोर्ट स्टाफ को खिलाड़ियों से मीलों दूर किसी दूसरे होटल या क्रूज शिप पर रुकना पड़ता। बीसीसीआई किसी भी हाल में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को अलग-अलग (Segregate) नहीं करना चाहता था।
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कमरों का स्पेस और प्राइवेसी: क्रिकेटरों के भारी-भरकम किटबैग, मेडिकल और रिहैब उपकरणों को रखने के लिए पर्याप्त जगह और टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों की निजता व सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।
बीसीसीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह विशेष व्यवस्था केवल पुरुष क्रिकेट दल के लिए की गई है। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम आयोजकों द्वारा आवंटित आधिकारिक खेल सुविधाओं में ही ठहरी हुई है।
महिला दल में खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ की कुल संख्या केवल 20 सदस्यों की है, जो एशियन गेम्स आयोजकों के आधिकारिक कोटा और कमरे के आवंटन के बिल्कुल भीतर आती है। महिला टीम ने 18 सितंबर को जापान के खिलाफ अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में 8 विकेट से एकतरफा जीत दर्ज कर अपने अभियान का शानदार आगाज भी कर दिया है।
भारतीय पुरुष टीम 20 सितंबर को भारत से रवाना होकर 21 सितंबर को जापान पहुंचेगी:
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22 सितंबर (स्पेशल T20I मैच): एशियन गेम्स के मुख्य मुकाबलों से पहले भारत और जापान के बीच कूटनीतिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर एक दोस्ताना टी20 मैच खेला जाएगा।
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28 सितंबर (क्वार्टर फाइनल): भारतीय पुरुष टीम सीधे क्वार्टर फाइनल चरण से अपने एशियन गेम्स अभियान की शुरुआत करेगी। यह मुकाबला निशिन स्थित आइची प्रीफेक्चुरल कोरोकी स्पोर्ट्स पार्क (Korogi Sports Park) में खेला जाएगा।
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भारतीय टीम 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में जीते अपने गोल्ड मेडल का बचाव करने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
दुनिया के सबसे धनी और प्रभावशाली क्रिकेट बोर्ड ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब बात खिलाड़ियों की सुविधा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन की आती है, तो बजट उसके आड़े नहीं आता। कई अन्य देशों के एथलीट जहां दूरदराज के ठिकानों और क्रूज शिप पर ठहरने के कारण यात्रा और थकान से जूझ रहे हैं, वहीं भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को मैच वेन्यू के नजदीक एक ही छत के नीचे रखकर बीसीसीआई ने टीम के मनोबल और तैयारियों को शीर्ष स्तर पर बनाए रखने का पुख्ता इंतजाम कर दिया है।









