स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई

Mauganj। स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और जननी सुरक्षा योजना सहित अन्य योजनाओं में शिकायतों के लंबित रहने पर मऊगंज के सीएमएचओ डॉ. संजीव शुक्ला ने कड़ा कदम उठाते हुए तीन ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर्स (बीएमओ) और 9 कर्मचारियों के दिसंबर महीने के वेतन पर रोक लगा दी है।
शनिवार को की गई इस कार्रवाई ने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है। यह कदम सीएम हेल्पलाइन पर लंबित 793 शिकायतों के निराकरण में लापरवाही को लेकर उठाया गया है।
कौन-कौन कर्मचारी आए कार्रवाई की जद में?
सीएमएचओ द्वारा मऊगंज, हनुमना और नईगढ़ी ब्लॉकों के अधिकारियों और कर्मचारियों पर यह कार्रवाई की गई है।
- मऊगंज ब्लॉक:
- बीएमओ डॉ. प्रद्युम्न शुक्ला
- बीपीएम नीरज तिवारी
- बीएएम अरुण सिंह बघेल
- बीसीएम संजीव मिश्रा
- हनुमना ब्लॉक:
- बीएमओ नागेंद्र प्रकाश मिश्रा
- प्रभारी बीपीएम प्रफुल्ल गुप्ता
- बीसीएम पवन प्रजापति
- नईगढ़ी ब्लॉक:
- बीएमओ डॉ. एसडी कोल
- बीपीएम धीरज पाठक
- बीसीएम शंकर प्रसाद त्रिपाठी
- बीसीएम ज्योति मिश्रा
लंबित शिकायतों का बना मुख्य कारण
स्वास्थ्य विभाग की कुल 793 शिकायतें लंबित पाई गईं, जिनमें से:
- जननी सुरक्षा योजना और प्रसूति सहायता योजना: 637 शिकायतें लंबित
- मऊगंज: 206 शिकायतें
- हनुमना: 330 शिकायतें (सबसे अधिक)
- नईगढ़ी: 101 शिकायतें
- लोक स्वास्थ्य सेवाएं: 127 शिकायतें लंबित
- मऊगंज: 46 शिकायतें
- हनुमना: 51 शिकायतें
- नईगढ़ी: 30 शिकायतें
इन शिकायतों का निराकरण करने के लिए सीएमएचओ ने बार-बार निर्देश दिए थे, लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के चलते यह शिकायतें लंबित रहीं।
सीएमएचओ का सख्त बयान
सीएमएचओ डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा, “स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बार-बार निर्देश देने के बावजूद शिकायतों का निराकरण नहीं किया गया। इसलिए जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन पर रोक लगाई गई है। यदि समय पर सुधार नहीं हुआ तो आगे और सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
क्षेत्रीय जनता परेशान, विभाग पर उठे सवाल
लंबित शिकायतों के चलते क्षेत्रीय जनता को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। प्रसूति सहायता योजना और लोक स्वास्थ्य सेवाओं में देरी से कई लोगों को आर्थिक और मानसिक परेशानी हुई है।
आगे क्या?
स्वास्थ्य विभाग के इस कड़े कदम से अन्य कर्मचारियों में भी हड़कंप मच गया है। सीएमएचओ ने साफ किया है कि अगर शिकायतों का निराकरण शीघ्र नहीं हुआ, तो दोषी अधिकारियों पर विभागीय जांच और सेवा समाप्ति जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
क्या कहता है पेट्रोल न्यूज़?
यह घटना दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं में लापरवाही जनता के लिए कितनी घातक साबित हो सकती है। सीएमएचओ की इस कार्रवाई ने विभागीय अधिकारियों को चेतावनी दी है कि काम में लापरवाही का परिणाम गंभीर हो सकता है।