
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और पूरे एनसीआर (NCR) में एक बार फिर मौसम का मिजाज तेजी से बदलने जा रहा है। नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के भव्य आयोजन के बीच, जिसमें दुनिया भर के शीर्ष राष्ट्राध्यक्ष जुटे हुए हैं, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मौसम बिगड़ने की चेतावनी जारी की है। पिछले कुछ दिनों से खिली तेज धूप और उमस के बाद मौसम वैज्ञानिकों ने 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंके वाली हवाएं चलने, आकाशीय बिजली चमकने और रुक-रुक कर मध्यम से भारी बारिश का नया स्पेल शुरू होने का पूर्वानुमान जताया है। इस मौसमी बदलाव से जहां उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ जलभराव और वीवीआईपी मूवमेंट के चलते दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्जन की चुनौती बढ़ सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून की ट्रफ रेखा एक बार फिर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों की तरफ खिसक रही है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से आ रही नम पुरवा हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के हल्के प्रभाव के कारण दिल्ली-एनसीआर के ऊपर घने मानसूनी बादलों का जमावड़ा शुरू हो चुका है। आईएमडी ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान दिल्ली के सभी सातों प्रशासनिक जोनों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। विशेष रूप से शाम और रात के समय तेज अंधड़ के साथ बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। समिट के आयोजन स्थल भारत मंडपम और लुटियंस दिल्ली के आसपास विशेष मौसम निगरानी रडार सक्रिय कर दिए गए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
दिल्ली से सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सैटेलाइट शहरों में भी मौसम करवट ले रहा है:
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नोएडा और ग्रेटर नोएडा: गौतमबुद्ध नगर जिले में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। शाम होते-होते 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ गरज-चमक वाली बारिश की संभावना है।
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गुरुग्राम: साइबर सिटी गुरुग्राम में उमस के स्तर में भारी इजाफा देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने यहां गरज के साथ बारिश (Thunderstorm) का अलर्ट जारी किया है। निचले इलाकों जैसे नरसिंहपुर और सुभाष चौक पर जलभराव के मद्देनजर नगर निगम को पहले से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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गाजियाबाद और फरीदाबाद: इन दोनों शहरों में भी आसमान में काले बादलों का पहरा रहेगा और रुक-रुक कर तेज बौछारें पड़ने से दिन के तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
दिल्ली में पिछले दो दिनों से अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ था, जिसके चलते अत्यधिक उमस (Humidity) ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा था। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश का यह नया दौर शुरू होते ही अधिकतम तापमान गिरकर 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ जाएगा। वहीं न्यूनतम तापमान भी 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा। हवा में ठंडक घुलने से दिल्लीवासियों को एक बार फिर सुहावने मौसम का अहसास होगा। इसके अलावा, हाल के दिनों में बारिश थमने से वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) जो ‘मॉडरेट’ श्रेणी (130-150) तक पहुंच गया था, बारिश के बाद उसमें सुधार होकर वह वापस ‘संतोषजनक’ (Satisfactory) स्तर पर आ जाएगा।
चूंकि दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के चलते विदेशी मेहमानों, सुरक्षा काफिलों और विशेष प्रतिनिधियों की आवाजाही जारी है, ऐसे में बारिश और तेज हवाओं से जलभराव होने पर सड़कों पर जाम लगने का जोखिम बढ़ सकता है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों के लिए परामर्श जारी किया है:
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मध्य दिल्ली, आईटीओ, धौला कुआं, मथुरा रोड और रिंग रोड पर सफर करने वाले लोग जलभराव की स्थिति में वैकल्पिक मार्गों का चयन करें।
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तेज हवाओं और आंधी के दौरान पुराने पेड़ों, होर्डिंग्स और बिजली के खंभों के नीचे अपने वाहन पार्क न करें।
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दोपहिया वाहन चालक बारिश के दौरान अंडरपास में पानी भरने पर वहां रुकने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के अनुसार, सितंबर का यह पखवाड़ा दिल्ली-एनसीआर से मॉनसून की औपचारिक विदाई (Monsoon Withdrawal) से पहले का बेहद महत्वपूर्ण दौर है। राजस्थान और पंजाब के कुछ हिस्सों से शुष्क हवाओं का असर शुरू हो रहा है, लेकिन बंगाल की खाड़ी के मौसमी सिस्टम के कारण यह बारिश उत्तर भारत के मैदानी इलाकों को तरबतर कर रही है। आने वाले तीन-चार दिनों तक मौसम का यह अस्थिर और बादलों वाला मिजाज जारी रहने का अनुमान है, जिसके बाद धीरे-धीरे आसमान पूरी तरह साफ होगा और सुबह-शाम हल्की गुलाबी ठंडक की शुरुआत होने लगेगी।









