August 5, 2026 11:07 am

DU Admission 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी का बड़ा फैसला, CUET के साथ 12वीं के मार्क्स से भी मिलेगा दाखिला

दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में स्नातक (UG) पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया इन दिनों जोरों पर है। आमतौर पर DU के कॉलेजों में एडमिशन ‘कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट’ (CUET) और ‘कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम’ (CSAS) के जरिए ही होते हैं। लेकिन इस बीच यूनिवर्सिटी के दो ऑफ-कैंपस कॉलेजों ने 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर सीधे एडमिशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह फैसला उन हजारों छात्रों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आया है, जो किसी वजह से CUET में अच्छा स्कोर नहीं कर पाए या दाखिले की दौड़ में पिछड़ गए थे।

12वीं के अंकों पर किन कॉलेजों में मिलेगा दाखिला?

दिल्ली यूनिवर्सिटी के दो प्रमुख ऑफ-कैंपस महिला कॉलेजों अदिति महाविद्यालय और भगिनी निवेदिता कॉलेज ने 12वीं के मेरिट के आधार पर सीधे आवेदन मांगे हैं। ध्यान देने योग्य बात यह है कि यह प्रक्रिया पारंपरिक CSAS एडमिशन के साथ-साथ स्वतंत्र रूप से चलाई जा रही है। आमतौर पर ऐसी छूट तभी मिलती है जब मॉप-अप राउंड के बाद भी सीटें खाली रह जाएं, लेकिन इस बार यूनिवर्सिटी ने सत्र की शुरुआत में ही यह विशेष अनुमति दे दी है।

कैसे करें आवेदन? पूरी प्रक्रिया समझें

इस डायरेक्ट एडमिशन प्रक्रिया में CSAS पोर्टल का इस्तेमाल नहीं होगा।
आवेदन पत्र-  छात्रों को संबंधित कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट से एप्लीकेशन फॉर्म डाउनलोड करके भरना होगा।
जमा करने का तरीका- भरे हुए फॉर्म को सीधे कॉलेज कैंपस में जमा करना होगा।
कट-ऑफ और मेरिट- इस बार कोई पारंपरिक कट-ऑफ सूची नहीं आएगी, बल्कि कॉलेज प्राप्त आवेदनों के आधार पर सीधे मेरिट लिस्ट तैयार करेंगे।

शेड्यूल और डेट्स

भगिनी निवेदिता कॉलेज ने आवेदन की अंतिम तिथि 5 अगस्त तय की है। आवेदन प्रक्रिया समाप्त होते ही उसी दिन मेरिट सूची जारी कर दी जाएगी। इसके बाद 7 अगस्त तक दस्तावेज सत्यापन और फीस जमा करने का कार्य पूरा किया जाएगा। अदिति महाविद्यालय ने भी इसी तरह का त्वरित शेड्यूल जारी किया है।

यूनिवर्सिटी ने क्यों दी यह विशेष अनुमति?

DU के रजिस्ट्रार विकास गुप्ता के अनुसार, यह कोई नई स्थायी नीति नहीं है बल्कि दोनों कॉलेजों की भौगोलिक और व्यावहारिक स्थितियों को देखते हुए लिया गया निर्णय है। पिछले साल भगिनी निवेदिता कॉलेज की 985 स्वीकृत सीटों में से 709 सीटें खाली रह गई थीं। वहीं, अदिति महाविद्यालय में 1000 में से लगभग 600 सीटें नहीं भर सकी थीं। ये कॉलेज शहर के मुख्य केंद्र से काफी दूर नजफगढ़ और बवाना स्थित हैं। आसपास हॉस्टल सुविधा न होने और आने-जाने में लगने वाले समय के कारण छात्र अक्सर अपग्रेड राउंड में दूसरे कॉलेज चुन लेते हैं।

ग्रामीण और वंचित क्षेत्र के छात्रों को राहत

ग्रामीण पृष्ठभूमि के कई छात्र CUET की जटिल प्रक्रिया या शुल्क के कारण परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते। 12वीं के अंकों के आधार पर दाखिला मिलने से ऐसे मेधावी और जरूरतमंद छात्रों का साल खराब होने से बच जाएगा।

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