March 8, 2026 12:56 pm

जानिए क्‍या है 6600 करोड़ रुपये का क्रिप्टोकरंसी घोटाला

Bitcoin Crypto Scam: जानिए कौन है गौरव मेहता, 6600 करोड़ रुपये के क्रिप्टोकरंसी घोटाला, क्‍या है कनेक्शन और सच्चाई

रायपुर में करोड़ रुपये के क्रिप्टोकरंसी बिटकॉइन घोटाले में गौरव मेहता ने खुद को इन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) का फॉरेंसिक ऑडिटर बताकर धोखाधड़ी की। उसने सोशल मीडिया पर पुणे पुलिस द्वारा सम्मानित किए जाने का फर्जी सर्टिफिकेट भी डाला था। बीते दो दिनों से ईडी की टीम उसके ठिकाने पर छापेमारी कर रही है।

HighLights

  1. रायपुर का गौरव मेहता करोड़ों के घोटाले का है मास्टरमाइंड।
  2. सोशल मीडिया पर खुद को ED का फॉरेंसिक ऑडिटर बताया।
  3. पुणे पुलिस द्वारा सम्मानित होने का झूठा सर्टिफिकेट साझा किया।

रायपुर। क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन घोटाले में रायपुर के फोरेंसिक क्रिप्‍टो एक्‍सपर्ट गौरव मेहता के घर और दफ्तर में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और सीबीआई की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी है। छापेमारी के दौरान ईडी की टीम को कई बैंकों में बड़े पैमाने पर लेनदेन के रिकॉर्ड मिले हैं।

इससे यह साफ हो गया है कि आरोपी ने इस घोटाले को चलाने के लिए वित्तीय लेन-देन किया था। आईडीएफसी बैंक के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया है, ताकि मामले की गहराई से जांच की जा सके। बताया जा रहा है कि बैंक अधिकारियों से पूछताछ के दौरान कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं।

6600 करोड़ रुपये के इस घोटाले की जांच में ईडी की टीम ने बुधवार को गौरव मेहता के रायपुर स्थित बंगले पर छापेमारी की थी। यह छापेमारी बड़े क्रिप्टो करेंसी स्कैम से जुड़ी है, जिसमें करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप गौरव पर लगा है।

बिटकॉइन में निवेश के लिए खोली थी कंपनी

गौरव मेहता पर आरोप है कि उसने क्रिप्टोकरेंसी और बिटकॉइन में निवेश करने के लिए एक कंपनी खोली थी। इस कंपनी का नाम Catax था। इस कंपनी के जरिए से वह निवेशकों को क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने और टैक्स बचाने के तरीकों के बारे में काउंसलिंग देता था।

बताया जा रहा है कि कंपनी का सीईओ खुद गौरव मेहता था। वह निवेशकों से बड़ी रकम वसूलने के बाद उन्हें बिटकॉइन और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े फायदे के बारे में जानकारी देता था।

NIT रायपुर से की इंजीनियरिंग की पढ़ाई

गौरव मेहता की शिक्षा रायपुर के होली क्रॉस स्कूल से हुई है। वह रायपुर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) का भी छात्र रहा है। गौरव ने 2010 में क्रिप्टो करेंसी के व्यापार में कदम रखा था और इस क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई थी।

वह एक साइबर एक्सपर्ट के रूप में भी काम कर चुका है। गौरव ने इसी वजह से कई लोगों को क्रिप्टो करेंसी निवेश के बारे में सलाह दी थी।

लोगों को क्रिप्‍टो करेंसी में निवेश का देता था लालच

गौरव मेहता और उसकी कंपनी Catax का तरीका था कि वह लोगों को क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने के लालच देता। इसके साथ ही उन्हें टैक्स बचाने के तरीके भी सुझाता था। इतना ही नहीं लोगों का विश्‍वास जीतने के लिए गौरव ने सोशल मीडिया में पुणे पुलिस द्वारा सम्मानित करने के सर्टिफिकेट की कॉपी डाल रखी है। गौरव खुद को ईडी का फॉरेंसिक ऑडिटर बताया है।

जांच में सामने आ सकते हैं कई और नाम

ईडी और सीबीआई की जांच अभी जारी है और आशंका जताई जा रही है कि इस मामले में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस और जांच एजेंसियों की टीमें आरोपी के नेटवर्क और निवेशकों से जुड़े डिटेल की जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस स्कैम में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

जानिए क्‍या है क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन घोटाला

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बीच पूर्व आईपीएस रवींद्रनाथ पाटिल ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र चुनाव में बिटकॉइन घोटाले के पैसों का इस्तेमाल किया गया है। राकांपा की नेता सुप्रिया सुले और कांग्रेस नाना पटोले ने रायपुर के गौरव मेहता से संपर्क किया था। उन्होंने चुनाव में खर्च के लिए बिटकॉइन के बदले कैश मांगा था, जिसका इसका ऑडियो भी मिला है।

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