
Mauganj। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में होली के दिन हुई बड़ी हिंसा के बाद राज्य सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मऊगंज के कलेक्टर अजय श्रीवास्तव और पुलिस अधीक्षक रसना ठाकुर का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया है। आधी रात को ही इस फैसले के आदेश जारी कर दिए गए, जिसके बाद पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
नई तैनाती के आदेश जारी
सरकार ने अजय श्रीवास्तव के स्थान पर संजय कुमार जैन (2015 बैच) को मऊगंज का नया कलेक्टर नियुक्त किया है। संजय कुमार जैन इससे पहले विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं और प्रशासनिक स्तर पर उनकी गिनती एक तेजतर्रार अधिकारी के रूप में होती है। वहीं, एसपी रसना ठाकुर के स्थान पर मऊगंज जिले के नए पुलिस अधीक्षक के रूप में आईपीएस दिलीप कुमार सोनी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। दिलीप कुमार सोनी इससे पहले भी कई संवेदनशील मामलों को सफलतापूर्वक संभाल चुके हैं और उनकी कार्यशैली के लिए वे जाने जाते हैं।
हिंसा के बाद सरकार का सख्त रुख
होली के दिन मऊगंज जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के गड़रा गांव में दो पक्षों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। इस दौरान पुलिस बल पर ग्रामीणों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया था। इस हमले में एसआई रामचरण गौतम की मौत हो गई थी, जबकि थाना प्रभारी संदीप भारती, तहसीलदार कुंवारे लाल पनिका, एएसआई बृहस्पति पटेल और एसडीओपी अंकित शुक्ला समेत कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
इस घटना के बाद से प्रदेशभर में हड़कंप मच गया था। कांग्रेस ने इस घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधा था और मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की थी। वहीं, मृतक पुलिसकर्मी के परिवार को सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गई थी।
दबाव में लिया गया फैसला?
सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष और स्थानीय लोगों के भारी दबाव के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने गृह विभाग के अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद राज्य सरकार ने मऊगंज के कलेक्टर और एसपी को तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्णय लिया।
प्रशासनिक अमले में हड़कंप
सरकार के इस कड़े फैसले के बाद प्रदेश के प्रशासनिक अमले में हलचल मच गई है। नए कलेक्टर और एसपी को जल्द से जल्द मऊगंज पहुंचने और हालात को नियंत्रण में लाने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रशासन को पूरी तैयारी के साथ मुस्तैद रहने का निर्देश दिया गया है।
स्थिति नियंत्रण में, पुलिस बल तैनात
फिलहाल गड़रा गांव और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है। वरिष्ठ अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि हिंसा फैलाने वालों और कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रदेशभर की नजरें टिकी हुई हैं।