Mauganj ,Madhyapradesh……
मऊगंज जिले में दवा कारोबार के नाम पर चल रहा है “ड्रग्स का धंधा”,
जहां ड्रग इंस्पेक्टर की सह पर बिना फार्मासिस्ट के मेडिकल स्टोर खुलेआम संचालित हो रहे हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिले भर में करीब 500 मेडिकल स्टोर संचालित हैं,
जिनमें से अधिकांश पर किराए की डिग्री वाले फार्मासिस्ट दिखाए गए हैं।
यानी — डिग्री किसी और की, और दवा बेचने वाला कोई और!
बताया जा रहा है कि यह पूरा खेल ड्रग इंस्पेक्टर की मिलीभगत से सालों से चल रहा है?
जब भी ऊपर से जांच या कार्रवाई का दबाव बढ़ता है,
तो कुछ दिन के लिए नियमों की “औपचारिकता” निभा ली जाती है,
फिर सब कुछ पहले जैसा — “जैसे थे” मोड पर लौट आता है।
यही नहीं, गहरवार नर्सिंग होम समेत कई निजी अस्पतालों में भी
दवा वितरण और स्टोर संचालन में भारी अनियमितताएं पाई जा रही हैं।
लेकिन ड्रग इंस्पेक्टर और प्रशासन की आंखों पर जैसे “कमाई का पर्दा” पड़ा हुआ है।
जिला प्रशासन की चुप्पी इस पूरे मामले पर कई सवाल खड़े कर रही है —
क्या स्वास्थ्य से जुड़ा यह बड़ा खेल यूं ही चलता रहेगा?
या फिर अब मऊगंज प्रशासन जागेगा और इन “बिना फार्मासिस्ट” मेडिकल्स पर कार्रवाई होगी?









