MP: विधायकों को फिर मिल सकती है सस्ती लोन सुविधा
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने मेधावी विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब बोर्ड परीक्षा में 75% से अधिक अंक लाने वाले छात्रों को लैपटॉप खरीदने के लिए राशि नहीं भेजी जाएगी, बल्कि सरकार सीधे उनके लिए लैपटॉप खरीदेगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’ के तहत यह घोषणा की।
94 हजार से ज्यादा छात्रों को मिला प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 94,234 मेधावी विद्यार्थियों को एक क्लिक से 238.98 करोड़ रुपये की राशि उनके खातों में ट्रांसफर की। इस अवसर पर उन्होंने मंच से ऐलान किया कि “अब सरकार मेधावियों को सीधे लैपटॉप खरीदकर देगी, जिससे पारदर्शिता और समय की बचत होगी।” यह नई व्यवस्था अगले शैक्षणिक सत्र से लागू होगी।
विधायकों को फिर मिल सकती है आवास और वाहन ऋण पर अनुदान
मानसून सत्र से पहले विधायकों के लिए भी राहत की खबर है। 28 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र से पहले विधायकों को फिर से वाहन और आवास ऋण पर ब्याज अनुदान देने की योजना को कैबिनेट से मंजूरी मिल सकती है। संसदीय कार्य विभाग ने इस योजना का प्रस्ताव मुख्य सचिव कार्यालय को भेजा है।
प्रस्ताव के मुख्य बिंदु:
- 30 लाख रुपये तक के वाहन ऋण और
- 50 लाख रुपये तक के आवास ऋण पर
सरकार 5 साल तक 2% ब्याज अनुदान देगी।
इससे कम राशि पर 4% ब्याज विधायक खुद देंगे, शेष सरकार वहन करेगी।
विवादों के बाद योजना में हुआ संशोधन
बता दें कि पिछली (15वीं) विधानसभा के कार्यकाल में यह सुविधा 2018-23 के दौरान बंद कर दी गई थी। इसके बाद से विधायक लगातार मांग कर रहे थे कि यह योजना दोबारा शुरू की जाए। इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की सहमति के बाद, सदस्य सुविधा समिति ने वाहन ऋण की सीमा 15 लाख से बढ़ाकर 30 लाख और आवास ऋण की सीमा 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करने की सिफारिश की थी।
हालांकि वित्त विभाग ने इस पर आंशिक आपत्ति जताते हुए सुझाव दिया कि:
- 15 लाख से अधिक के वाहन और
- 25 लाख से अधिक के आवास ऋण पर
सरकार केवल 2% ब्याज अनुदान दे, शेष राशि विधायक स्वयं चुकाएं।








