मध्यप्रदेश मे गेहूं घोटाला…

तीन जिलों में बड़ा फर्जीवाड़ा, 15 पटवारी सस्पेंड, 10 समिति प्रबंधकों को नोटिस, 4 फर्जी किसानों पर FIR..
बडी खबर…..
मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है, मुरैना, भिंड और राजगढ़ जिलों में बाहरी राज्यों से सस्ते दाम पर खरीदा गया गेहूं फर्जी किसान बनाकर सरकारी खरीदी केंद्रों पर बेचे जाने का खुलासा हुआ है!
मामला सामने आने के बाद प्रशासन और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने कार्रवाई तेज कर दी है,
जांच में पता चला है कि फर्जी किसानों के नाम पर 18 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं समर्थन मूल्य पर बेचा गया, जिससे लगभग 4.82 करोड़ रुपये का सरकारी भुगतान किया गया,
इस मामले में अब तक 15 पटवारियों को निलंबित, 10 समिति प्रबंधकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 4 फर्जी किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, दो तहसीलदारों से भी जवाब मांगा गया है,
प्रशासन के अनुसार कई लोगों ने दूसरे किसानों के खसरा नंबर और भूमि रिकॉर्ड का दुरुपयोग कर फर्जी पंजीयन कराया, जांच में यह भी सामने आया कि कई पंजीयन अंतिम दिनों में देर रात किए गए, आरोप है कि उत्तर प्रदेश से कम कीमत पर गेहूं खरीदकर मध्य प्रदेश में MSP पर बेचकर करोड़ों रुपये का लाभ कमाया गया,
मामले के खुलासे के बाद EOW की ग्वालियर टीम ने जांच शुरू कर दी है, एजेंसी अब खरीदी से जुड़े रिकॉर्ड, भूमि सत्यापन, भुगतान प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की विस्तृत जांच करेगी, यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी,
वही प्रशासन का कहना है कि पूरे घोटाले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।









