
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में छात्रों का आंदोलन पिछले अठारह दिन जारी है। सोमवार को छात्रों के नेतृत्व में हुए विधानसभा मार्च और घेराव के दौरान झारखंड छात्र आंदोलन के नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें आनन-फानन में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने उनके ब्लड शुगर लेवल में गिरावट आने के बाद हालत गंभीर बताई है। मंंगलवार को उनका हाल जानने स्वास्थ्य मंत्री खुद अस्पताल पहुंचे।
JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो जेपीएससी, जेएसएससी समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। पहले वो आमरण अनशन पर थे, मगर सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के समझाने के बाद वो पानी पीने को तैयार हुए थे। इस बीच सोमवार को छात्रों द्वारा विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगह भिड़ंत हुई।
देवेंद्र नाथ महतो को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया
देर शाम विधानसभा गेट नंबर एक से प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस को बल का प्रयोग करना पड़ा। इस लाठीचार्ज में छात्र और पुलिसकर्मी दोनों घायल हुए। छात्रों के घायल होने की सूचना मिलते ही देवेंद्र नाथ महतो एंबुलेंस से विधानसभा पहुंचे और छात्रों के साथ प्रदर्शन में शामिल हो गए। बाद में उनकी तबीयत बिगड़ गई। कुछ छात्रों का आरोप है कि उन पर भी लाठीचार्ज हुआ, हालांकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां ऑक्सीजन सपोर्ट पर उन्हें रखा गया।
छात्रों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी मंगलवार को सदर अस्पताल पहुंचे और छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो और दूसरे युवाओं से मिले, जिन्हें कल स्टेट असेंबली के बाहर दिन भर चले प्रोटेस्ट के बाद रांची के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने बताया कि फिलहाल देवेंद्र नाथ महतो की हालत में थोड़ा सुधार आया है।
इधर छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में BJP ने आज, मंगलवार को राज्यव्यापी बंद का ऐलान किया है। झारखंड BJP की ओर से आज राज्यव्यापी बंद के आह्वान पर छात्र नेता पीयूष ने कहा, “हम किसी खास पार्टी का खुलकर समर्थन नहीं कर रहे हैं। अगर कोई हमारे समर्थन में बंद का आह्वान करता है, तो हम उसका स्वागत करते हैं।”
हमारा राजनीतिक दलों से कोई लेना-देना- छात्र नेता
“छात्रों का राजनीति या राजनीतिक दलों से कोई लेना-देना नहीं है। वे अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र हैं। इसलिए, हमारे लिए उस पर ज्यादा टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। हम बस अपनी मांगों के समर्थन में खड़े हैं। हमारा एकमात्र एजेंडा अपनी मांगों को पूरा करवाना है।”








