April 24, 2026 2:13 pm

Rewa:71 छात्रों के समर्थन में उतरे पूर्व सैनिक ने तिरंगा लेकर पानी की टंकी पर चढ़कर किया विरोध

Rewa | सैनिक स्कूल प्रबंधन की अनुशासनात्मक कार्रवाई पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। बिना किसी ठोस सुनवाई के 71 छात्रों को स्कूल से निष्कासित कर दिया गया। इससे छात्र, अभिभावक और स्थानीय लोग आक्रोशित हैं। मामला तब और गरमा गया जब पूर्व सैनिक यज्ञ प्रताप सिंह छात्रों के समर्थन में हाथ में तिरंगा लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गए। प्रशासन और पुलिस के हाथ-पांव फूल गए, आनन-फानन में अधिकारी पहुंचे और आखिरकार स्कूल प्रबंधन को झुकना पड़ा।

22 छात्रों को स्कूल ने वापस लिया, बाकी छात्रों के लिए रखी शर्तें

विरोध प्रदर्शन के बाद स्कूल प्रबंधन ने 22 छात्रों को वापस लेने का फैसला किया, लेकिन बाकी छात्रों को शिक्षकों से माफी मांगने की शर्त पर ही प्रवेश देने की बात कही। यह मामला तब शुरू हुआ जब सैनिक स्कूल के एक शिक्षक की गाड़ी का शीशा टूट गया। इसे अनुशासनहीनता करार देते हुए स्कूल प्रबंधन ने बिना किसी जांच के 71 छात्रों को निष्कासित कर दिया।

छात्रों और अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन के इस फैसले को अन्यायपूर्ण बताया और जिला कलेक्टर से शिकायत की। लेकिन जब प्रशासन ने भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो पूर्व सैनिक यज्ञ प्रताप सिंह ने अनोखे अंदाज में विरोध जताते हुए पानी की टंकी पर चढ़कर सरकार और प्रशासन को हिला दिया।

पूर्व सैनिक की चेतावनी: ‘छात्रों को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और तेज होगा’

टंकी पर चढ़े पूर्व सैनिक यज्ञ प्रताप सिंह ने दो टूक चेतावनी दी— “यदि निष्कासित छात्रों को वापस नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन और उग्र होगा! छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए, वरना पूरे जिले में विरोध प्रदर्शन होगा। स्कूल प्रबंधन अपनी मनमानी तुरंत बंद करे और बच्चों की शिक्षा को बाधित करना बंद करे।”

प्रशासन के हाथ-पांव फूले, आखिर झुका स्कूल प्रबंधन

पूर्व सैनिक के टंकी पर चढ़ते ही प्रशासन हरकत में आ गया। तहसीलदार, पुलिस अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाने की कोशिश की। तहसीलदार ने घोषणा की कि 22 छात्रों को स्कूल में वापस लिया गया है। बाकी छात्रों को भी जल्द ही प्रवेश मिलेगा, लेकिन उन्हें शिक्षकों से माफी मांगनी होगी। 21 फरवरी से होने वाली परीक्षा में निष्कासित छात्रों को बैठने की अनुमति दी जाएगी।

पूर्व सैनिक का बड़ा सवाल: ‘अनुशासन का बहाना बनाकर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ क्यों?’

पूर्व सैनिक यज्ञ प्रताप सिंह ने कहा, “एक शीशा टूटने की सजा 71 छात्रों को क्यों दी गई? क्या यह तालिबानी फरमान नहीं है? सात साल से पढ़ रहे छात्र अचानक अनुशासनहीन कैसे हो गए? क्या प्रबंधन की जिद इन बच्चों का भविष्य खराब करने के लिए है?” उन्होंने आगे चेतावनी दी कि यदि सभी छात्रों को वापस नहीं लिया गया और परीक्षा में शामिल नहीं किया गया, तो आंदोलन और बड़ा होगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और स्कूल प्रबंधन की होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R No. 13766/ 164

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?