September 18, 2026 2:05 pm

BREAKING NEWS

Senior Citizens Best Investment Scheme: सीनियर सिटीजन पर कहां ‘बरसेगा पैसा’? SCSS, पोस्ट ऑफिस MIS या Bank FD, समझें 5 साल का पूरा गणित

सेवानिवृत्ति के बाद हर वरिष्ठ नागरिक की प्राथमिकता अपनी जीवनभर की गाढ़ी कमाई को बिना किसी बाजार जोखिम के सुरक्षित रखना और उससे नियमित मासिक या त्रैमासिक आय प्राप्त करना होती है। भारतीय बचत बाजार में वरिष्ठ नागरिकों के लिए तीन प्रमुख और सबसे लोकप्रिय विकल्प मौजूद हैं—सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS), पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS), और बैंकों की सीनियर सिटीजन फिक्स्ड डिपॉजिट (Bank FD)। इन तीनों योजनाओं की ब्याज दरों, भुगतान के तरीकों और टैक्स नियमों में बड़ा अंतर है, जिसके कारण रिटर्न की रकम में लाखों रुपये का फर्क आ जाता है।

योजना चुनने से पहले यह जानना जरूरी है कि किस स्कीम में कितना पैसा लगाया जा सकता है और सरकार या बैंक उस पर कितना रिटर्न दे रहे हैं:

  • सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS): यह सरकार समर्थित योजना वर्तमान में वरिष्ठ नागरिकों को 8.2% की सर्वाधिक वार्षिक ब्याज दर प्रदान करती है। इसमें एक व्यक्ति अधिकतम ₹30 लाख तक का निवेश कर सकता है।

  • पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS): डाकघर की इस योजना में 7.4% की वार्षिक ब्याज दर मिलती है। इसमें सिंगल खाते में अधिकतम ₹9 लाख और जॉइंट खाते में अधिकतम ₹15 लाख जमा किए जा सकते हैं।

  • बैंक सीनियर सिटीजन FD: प्रमुख सरकारी व निजी बैंक (जैसे SBI, HDFC, ICICI) वरिष्ठ नागरिकों को 5 साल की एफडी पर 7.25% से 7.60% तक का वार्षिक ब्याज ऑफर कर रहे हैं। इसमें निवेश की कोई आधिकारिक ऊपरी सीमा नहीं होती।

यदि कोई वरिष्ठ नागरिक ₹15 लाख की एकमुश्त पूंजी को इन तीनों में से किसी एक विकल्प में 5 वर्ष के लिए लगाता है, तो मिलने वाली नियमित आय का गणित इस प्रकार बैठता है:

  • SCSS (8.2% ब्याज): ₹15 लाख पर हर 3 महीने (तिमाही) में ₹30,750 की गारंटीड आय मिलती है। 5 साल में केवल ब्याज से कुल कमाई ₹6,15,000 होती है।

  • पोस्ट ऑफिस MIS (7.4% ब्याज): ₹15 लाख के जॉइंट खाते पर हर महीने ₹9,250 की निश्चित पेंशन जैसी आमदनी होती है। 5 वर्षों में कुल ब्याज ₹5,55,000 बनता है।

  • बैंक FD (औसत 7.5% कम्पाउंडिंग): यदि ब्याज को तिमाही आधार पर खाते में न लेकर मैच्योरिटी पर कम्पाउंड होने दिया जाए, तो ₹15 लाख की रकम 5 साल बाद लगभग ₹21,74,900 हो जाती है, यानी कुल ब्याज लगभग ₹6,74,900 प्राप्त होता है। यदि तिमाही भुगतान लिया जाए तो प्रति तिमाही करीब ₹28,125 की आय होती है।

रिटर्न के साथ-साथ टैक्स कटौती का ध्यान रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है:

  • SCSS: इसमें जमा की गई मूल रकम पर आयकर की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की टैक्स डिडक्शन का लाभ मिलता है। हालांकि, मिलने वाला ब्याज पूरी तरह कर योग्य होता है और ₹50,000 से अधिक सालाना ब्याज पर टीडीएस कटता है।

  • पोस्ट ऑफिस MIS: इसमें धारा 80C का कोई टैक्स बेनिफिट नहीं मिलता। मिलने वाला मासिक ब्याज आपकी कुल आय में जुड़ता है, हालांकि डाकघर इस पर टीडीएस नहीं काटता।

  • बैंक FD: सामान्य 5 वर्षीय टैक्स सेवर FD में धारा 80C की छूट मिलती है, लेकिन उसमें तिमाही ब्याज निकासी की अनुमति नहीं होती। सामान्य रेगुलर FD में 80C नहीं मिलता और धारा 80TTB के तहत ₹50,000 से अधिक ब्याज पर बैंक टीडीएस काटते हैं।

यदि आप हर तीन महीने में सबसे अधिक गारंटीड ब्याज और 80C की टैक्स छूट चाहते हैं, तो SCSS निर्विवाद रूप से सबसे बेहतरीन विकल्प है। यदि आपकी प्राथमिकता हर महीने घर खर्च चलाने के लिए नियमित पेंशन की है, तो पोस्ट ऑफिस MIS सबसे मुफीद साबित होती है। वहीं, अगर आपको नियमित आय की तुरंत आवश्यकता नहीं है और आप अपनी पूंजी को कम्पाउंडिंग के जरिए तेजी से बढ़ाना चाहते हैं, तो बैंकों की 5 वर्षीय संचयी (Cumulative) FD सबसे ज्यादा मुनाफा देती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!