
इस बार का सूर्य ग्रहण बेहद खास है, क्योंकि करीब 18 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद सावन के महीने में एक ही मास के भीतर सूर्य और चंद्र ग्रहण का अनोखा संयोग बन रहा है। अब ऐसे में कब से सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है? आइए जानते हैं।
सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात 9 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा। इसका मध्य समय रात 11 बजकर 16 मिनट रहेगा और ग्रहण 13 अगस्त की रात 1 बजकर 27 मिनट पर खत्म होगा। इसकी कुल अवधि करीब 4 घंटे 24 मिनट रहेगी। ग्रहण के दौरान रात करीब 10 बजकर 29 मिनट पर चंद्रमा सूर्य के लगभग 90 फीसदी हिस्से को ढक लेगा। हालांकि, भारत में यह नजारा दिखाई नहीं देगा।
पंचांग के अनुसार, सावन अमावस्या तिथि आज रात 11 बजकर 6 मिनट तक रहेगी। ग्रहण की शुरुआत अमावस्या तिथि में होगी और इसका समापन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि में होगा। जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरना शुरू करता है, तब से ग्रहण की प्रक्रिया आरंभ होती है। इस पूरे खगोलीय घटनाक्रम की कुल अवधि लगभग 1 घंटा 45 मिनट की रहेगी।
क्या भारत में दिखाई देगा यह ग्रहण?
मान्यताओं के अनुसार, यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ग्रहण भारत में दृश्य न होने के कारण यहां सूतक काल के कड़े नियम लागू या मान्य नहीं होंगे। भले ही भारत में इसका दृश्य प्रभाव न हो, लेकिन सनातन परंपरा में अमावस्या तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान, ध्यान और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व बताया गया है।
किन देशों में नजर आएगा यह ग्रहण?
हालांकि यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं है, लेकिन विश्व के अन्य हिस्सों में इसकी स्पष्ट झलक देखी जा सकेगी। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में दिखाई देगा। दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे, जाम्बिया, तंजानिया और मॉरीशस, अंटार्कटिका और दक्षिण अमेरिका के कुछ तटीय क्षेत्र और चिली और अर्जेंटीना के कुछ हिस्से में दिखाई देगा।









