March 11, 2026 6:54 pm

MP में तहसीलदार या ‘गुंडाराज’? – रेप, हत्या, डकैती के बावजूद सरकारी मेहरबानी!

 

ग्वालियर,MP। एक तरफ आम आदमी जुर्म करे तो पुलिस सीधे उठाकर हवालात में डाल देती है, लेकिन अगर वही जुर्म कोई सरकारी अफसर करे, तो पूरा सिस्टम उसे बचाने में लग जाता है!

मध्य प्रदेश के भितरवार तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान पर रेप, हत्या, डकैती, जमीन घोटाले, धोखाधड़ी समेत दर्जनों आरोप हैं, लेकिन कार्रवाई का आलम यह है कि उन्हें पकड़ने की जगह गुपचुप बैतूल ट्रांसफर कर दिया गया। जब महिला ने दुष्कर्म का केस दर्ज कराया, तो तहसीलदार अंडरग्राउंड हो गए, और पुलिस महज दिखावे के लिए 5000 का इनाम घोषित कर हाथ झाड़ बैठी!

🚨 पीड़िता बोली – ‘पुलिस से ज्यादा मैं इनाम दूंगी!’

जब पुलिस ने महज 5000 रुपये का इनाम घोषित किया, तो रेप पीड़िता खुद आगे आई और कहा – “जो उसे पकड़कर लाएगा, उसे मैं 50,000 रुपये दूंगी!” अब सवाल यह उठता है कि एक महिला को खुद न्याय के लिए इनाम घोषित करने की नौबत क्यों आई? क्या प्रशासन और पुलिस सिर्फ आम लोगों के लिए सख्त है, और अफसरों के लिए ढीला?

⚖️ तहसीलदार की अपराध कुंडली – ‘योगी’ से ज्यादा ‘माफिया’!

🔴 17 साल तक शादी का झांसा देकर शोषण – महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि चौहान ने 2006 से लेकर 2023 तक उसे लिव-इन में रखा और कई बार उसका रेप किया।
🔴 2014 में एक बेटे को जन्म दिया – पीड़िता डीएनए टेस्ट के लिए तैयार है, लेकिन प्रशासन जांच से बच रहा है।
🔴 हत्या, डकैती और जमीन घोटाले – साहब पर पहले से कई संगीन मामले दर्ज हैं, फिर भी नौकरी करते रहे!
🔴 चार बीवियां और अनगिनत रिश्ते – सरकारी वकील के मुताबिक, चौहान की चार शादियां और कई महिलाओं से संबंध हैं।
🔴 गुपचुप ट्रांसफर और अटैचमेंट का खेल – रेप केस दर्ज होते ही साहब का ट्रांसफर बैतूल कर दिया गया और बाद में मेडिकल लगाकर ‘लापता’ हो गए!

🔥 पुलिस की ‘सुपरस्पीड’ कहां गायब?

आमतौर पर पुलिस किसी भी अपराधी को पकड़ने में देर नहीं करती। लेकिन यहां मामला VIP अपराधी का था, तो पुलिस भी ‘नाटकीय’ इनाम घोषित कर चुप बैठ गई! अगर कोई आम आदमी होता, तो अब तक हवालात में होता, लेकिन चौहान साहब फरार हैं, और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

⚖️ कोर्ट भी हैरान – ‘इतने अपराधों के बावजूद नौकरी कैसे कर रहा?’

जब तहसीलदार ने जमानत याचिका दी, तो कोर्ट ने भी हैरानी जताई कि “जिस अधिकारी पर इतने गंभीर मामले दर्ज हैं, वह अब तक नौकरी कैसे कर रहा?” लेकिन सरकार और प्रशासन आंख मूंदे बैठे हैं।

📌 बड़ा सवाल: क्या अफसरों के लिए कानून अलग है?

अगर कोई आम आदमी रेप का आरोपी होता, तो क्या वह ऐसे ही खुला घूम रहा होता?
क्या पुलिस, प्रशासन और सरकार सब मिलकर चौहान को बचा रहे हैं?
अगर तहसीलदार का डीएनए टेस्ट होता, तो क्या हकीकत सामने नहीं आ जाती?

🔥 पेट्रोल न्यूज़ इस मामले पर नजर बनाए रखेगा! यह लड़ाई सिर्फ एक महिला की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के खिलाफ है।

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