राहुल गांधी की रैलियां गढ़वाल अल्मोडा

 

उत्तराखंड में कांग्रेस के मिशन 2027 के चुनाव प्रचार के लिए राहुल गांधी का दौरा प्रस्तावित. - भास्कर इंग्लिश

उत्तराखंड में कांग्रेस के मिशन 2027 के चुनाव प्रचार के लिए राहुल गांधी का दौरा प्रस्तावित.

उत्तराखंड में मिशन-2027 की सियासी तैयारी शुरू हो गई है. भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के दौरों की एक श्रृंखला के बाद, कांग्रेस भी एक बड़े चुनावी प्रयास की तैयारी कर रही है, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के इस महीने के अंत तक या अगले महीने के पहले सप्ताह में राज्य का दौरा करने की संभावना है।

 

पार्टी अपने अभियान की शुरुआत करने के लिए गढ़वाल और अल्मोडा संसदीय क्षेत्रों में बड़ी सार्वजनिक बैठकों की योजना बना रही है। कांग्रेस नेताओं का मानना ​​है कि राहुल गांधी की यात्रा से पार्टी कार्यकर्ताओं में ऊर्जा आएगी, संगठन मजबूत होगा और 2027 के चुनावों से पहले भाजपा की आक्रामक पहुंच का मुकाबला किया जा सकेगा।

बीजेपी के आक्रामक अभियान का जवाब देने की तैयारी

  • राज्य में बीजेपी अभी से चुनावी मोड में नजर आ रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के लगातार दौरों और कार्यक्रमों के बाद कांग्रेस पर अपने केंद्रीय नेतृत्व को भी मैदान में लाने का दबाव बढ़ गया था.
  • अब राहुल गांधी के संभावित दौरे को बीजेपी के चुनाव प्रचार के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है.
  • राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर प्रदेश कांग्रेस संगठन में तैयारियां तेज हो गई हैं.
  • प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत समेत कई नेताओं के बीच लगातार बैठकें और रणनीति पर चर्चा चल रही है.
  • बताया जा रहा है कि जल्द ही जनसभाओं की रूपरेखा हाईकमान को भेज दी जाएगी.

 

बेरोजगारी और पलायन जैसे मुद्दे उठ सकते हैं

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राहुल गांधी अपने संबोधन में बेरोजगारी, महंगाई, पलायन और चारधाम यात्रा से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठा सकते हैं. कांग्रेस इसे बीजेपी सरकार के खिलाफ माहौल बनाने के बड़े मौके के तौर पर देख रही है.

हालांकि, राहुल गांधी का प्रस्तावित दौरा कांग्रेस के लिए सिर्फ चुनावी कार्यक्रम नहीं, बल्कि संगठनात्मक परीक्षा भी माना जा रहा है. पार्टी के भीतर गुटबाजी, अंदरूनी कलह और संगठनात्मक असंतोष के मुद्दे अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं. प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी पिछले सात महीने से अपनी टीम के गठन का इंतजार कर रहे हैं.

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या राहुल गांधी का दौरा प्रदेश कांग्रेस को एकजुट कर पाएगा और संगठन में नई गतिशीलता ला पाएगा. कांग्रेस के साथ-साथ बीजेपी की नजर भी अब इस संभावित दौरे पर टिकी हुई है.

 

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