September 13, 2026 12:23 am

BREAKING NEWS

UP Land Rate Hike: गंगा एक्सप्रेस-वे और रिंग रोड किनारे जमीन लेना अब होगा महंगा! सर्वे पूरा, खसरा नंबरों की लिस्ट तैयार; जानें किन इलाकों में बढ़ रहे हैं सर्किल रेट दिल्ली में 18वां BRICS समिट: US और यूरोप में क्या वाकई हुआ ‘ब्लैकआउट’? वेस्टर्न मीडिया की चुप्पी और पाकिस्तान में मची बेचैनी का पूरा सच Travel Smart: सफर में फोन चलाने पर आती है उल्टी? फोन का यह ‘Motion Cues’ फीचर मिनटों में दूर करेगा चक्कर और मतली; ऐसे करें ऑन कल का राशिफल 13 सितंबर 2026: भाद्रपद शुक्ल द्वितीया-तृतीया के दुर्लभ योग में चमकेगी इन राशियों की किस्मत, जानें मेष से मीन तक का दैनिक भविष्यफल जियोहॉटस्टार या सोनी लिव नहीं, इस धांसू ओटीटी ऐप पर देखें भारत-अफगानिस्तान पहले टी20 की लाइव स्ट्रीमिंग मंदिर में पूजा कराई, गंगाजल पिलाया और फिर दी अंतिम संस्कार की अनुमति

UP RERA का बड़ा फैसला: लखनऊ से NCR तक 6 जिलों में नहीं होगी मकान-दुकान की किल्लत, ₹2,380 करोड़ के 13 नए प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी, 4,724 यूनिट्स का होगा निर्माण

उत्तर प्रदेश में अपना घर या व्यावसायिक प्रतिष्ठान खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (UP RERA) ने राज्य के छह प्रमुख जिलों में 13 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में कुल ₹2,380.04 करोड़ का निजी निवेश धरातल पर उतरेगा, जिसके तहत 4,724 नई आवासीय (फ्लैट्स/विला) और व्यावसायिक (दुकान/ऑफिस) यूनिट्स का निर्माण किया जाएगा। यूपी रेरा मुख्यालय में चेयरमैन संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में आयोजित 212वीं और 213वीं आधिकारिक बैठक में इन सभी परियोजनाओं के लेआउट, वित्तीय स्थिति और कानूनी दस्तावेजों की जांच के बाद यह हरी झंडी दी गई है।

स्वीकृत किए गए 13 प्रोजेक्ट्स के आंकड़े बताते हैं कि रियल एस्टेट का विस्तार अब केवल पारंपरिक महानगरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि टियर-2 और उप-शहरी इलाकों में भी तेजी से फैल रहा है।

  • बाराबंकी (सर्वाधिक निवेश): लखनऊ से सटे बाराबंकी जिले ने निवेश के मामले में सबको पीछे छोड़ दिया है। जिले में ₹751.42 करोड़ के अनुमानित निवेश वाली 2 बड़ी आवासीय परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनमें कुल 591 आवासीय फ्लैट्स व विला तैयार किए जाएंगे।

  • लखनऊ (सबसे ज्यादा यूनिट्स): राजधानी लखनऊ में नई यूनिट्स की आपूर्ति सबसे अधिक होगी। जिले में ₹385.76 करोड़ की लागत वाले एक बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है, जिसके तहत अकेले 1,392 फ्लैट्स का निर्माण किया जाएगा।

  • वाराणसी: धार्मिक नगरी वाराणसी में रियल एस्टेट की मांग तेजी से बढ़ी है। यहां ₹750.24 करोड़ के भारी निवेश से 3 नई आवासीय परियोजनाएं विकसित होंगी, जिनमें कुल 1,189 मकान व फ्लैट्स बनाए जाएंगे।

  • गाजियाबाद (NCR): दिल्ली-एनसीआर के गाजियाबाद जिले में ₹286.27 करोड़ की 3 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इनमें दो कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और एक आवासीय प्रोजेक्ट शामिल है, जिससे क्षेत्र में 864 दुकानें और फ्लैट्स उपलब्ध होंगे।

  • गौतमबुद्ध नगर (नोएडा-ग्रेटर नोएडा): जिले में ₹186 करोड़ की लागत वाली 2 परियोजनाओं (एक आवासीय और एक व्यावसायिक) को क्लीयरेंस दी गई है, जिनके माध्यम से 564 नई यूनिट्स बनकर तैयार होंगी।

  • आगरा: ताजनगरी आगरा में ₹20.35 करोड़ की 2 आवासीय परियोजनाओं को हरी झंडी मिली है, जहां कुल 124 मकानों का निर्माण होगा।

रेरा चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने स्पष्ट किया कि सभी 13 प्रोजेक्ट्स का पंजीकरण रेरा अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत किया गया है। डेवलपर्स को तय समय-सीमा के भीतर प्रोजेक्ट पूरा कर खरीदारों को पजेशन सौंपना होगा। रियल एस्टेट में ग्राहकों का भरोसा बहाल करने के लिए प्रोजेक्ट के फंड का 70 प्रतिशत हिस्सा अलग एस्क्रो अकाउंट में रखना अनिवार्य रहेगा, ताकि पैसों का डायवर्जन किसी अन्य काम में न हो सके। निर्माण की गुणवत्ता, समयबद्धता और स्वीकृत नक्शे के अनुसार ही काम कराने की जिम्मेदारी प्रमोटर्स पर होगी, जिसकी नियमित रूप से यूपी रेरा की तकनीकी टीम द्वारा निगरानी की जाएगी।

करीब ₹2,380 करोड़ के इस भारी पूंजी निवेश से केवल मकान-दुकान की किल्लत ही दूर नहीं होगी, बल्कि इससे जुड़े सहायक उद्योगों को भी भारी संजीवनी मिलेगी। निर्माण कार्य शुरू होने से सीमेंट, सरिया, ईंट, टाइल्स, पेंट, सैनिटरी और इलेक्ट्रिकल सामानों की मांग में भारी उछाल आएगा। इसके साथ ही आर्किटेक्ट, सिविल इंजीनियर, सुपरवाइजर, राजमिस्त्री, इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर और लॉजिस्टिक्स से जुड़े हजारों स्थानीय कामगारों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। एनसीआर और राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) के दायरे में बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण से आर्थिक चक्र को नई रफ्तार मिलेगी।

उत्तर प्रदेश सरकार की सरल भू-उपयोग नीतियों, सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम और बेहतर कानून-व्यवस्था ने राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर को एक सुरक्षित निवेश गंतव्य बना दिया है। जहां पहले बिल्डरों द्वारा प्रोजेक्ट्स में देरी और खरीदारों से धोखाधड़ी के मामले आम थे, वहीं अब रेरा की सक्रियता से बाजार में पारदर्शिता आई है। नई स्वीकृत परियोजनाओं से मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए अफोर्डेबल और प्रीमियम हाउसिंग के विकल्प बढ़ेंगे, जबकि नए कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनने से स्थानीय व्यापारियों को अपनी दुकानें व कॉर्पोरेट ऑफिस खोलने के लिए आधुनिक और वैध स्पेस मिल सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!