रायपुर, 27 अगस्त 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अनियमित विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन एवं कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ परदेशी के कुशल प्रशासनिक नेतृत्व में कृषि विभाग द्वारा उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के अंतर्गत राज्यभर में व्यापक एवं प्रभावी प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। विभाग ने उर्वरक विक्रय एवं वितरण प्रणाली की सतत निगरानी करते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों एवं प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की है। इसका परिणाम यह रहा कि खरीफ 2026 में अब तक 516 प्रवर्तन कार्यवाही की गई हैं, जबकि खरीफ 2025 में यह संख्या मात्र 44 थी। इस प्रकार इस वर्ष 472 अधिक प्रकरणों में कार्रवाई कर विभाग ने उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
कृषि उत्पादन आयुक्त श्री परदेशी के प्रशासनीक नेतृत्व में विभागीय अमले ने मैदानी स्तर पर निरीक्षण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया। प्रदेशभर में उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों के नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण कर भंडारण, स्टॉक, विक्रय अभिलेख, निर्धारित मूल्य, लाइसेंस तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जहां भी अनियमितता पाई गई, वहां तत्काल नियमानुसार कठोर कार्रवाई की गई।
खरीफ 2026 के दौरान विभाग द्वारा 13 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज, 72 मामलों में न्यायालयीन कार्यवाही, 16 उर्वरक विक्रय लाइसेंस निरस्त, 115 प्रकरणों में जप्ती, 107 लाइसेंस निलंबित तथा 193 मामलों में विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई की गई है। जबकि खरीफ 2025 में एफआईआर का शुन्य मामला दर्ज तथा न्यायालयीन कार्यवाही 04, लाइसेंस निरस्तीकरण 02, जप्ती 02, लाइसेंस निलंबन 03 एवं विक्रय प्रतिबंध 33 के प्रकरण किए गए थे। इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार ने इस वर्ष किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रवर्तन व्यवस्था को कहीं अधिक मजबूत और प्रभावी बनाया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय साफ कहा है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक निर्धारित दर पर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। वहीं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कालाबाजारी, जमाखोरी एवं नियम विरुद्ध विक्रय करने वालों के विरुद्ध बिना किसी ढिलाई के कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ परदेशी के नेतृत्व में विभागीय तंत्र ने त्वरित एवं परिणामकारी कार्रवाई करते हुए किसानों के हितों की रक्षा के लिए मजबूत व्यवस्था विकसित की है।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति, विक्रेता अथवा प्रतिष्ठान के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक खरीदते समय निर्धारित मूल्य एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें, प्रत्येक खरीद पर बिल या रसीद अवश्य प्राप्त करें तथा कालाबाजारी, अधिक मूल्य पर विक्रय, अवैध भंडारण अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तत्काल निकटतम कृषि अधिकारी को दें।









