September 27, 2026 6:33 pm

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में भीषण विमान हादसा: 2 लेफ्टिनेंट जनरल समेत 14 लोगों की दर्दनाक मौत, जांच के आदेश

किंशासा/नई दिल्ली। मध्य अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) से एक अत्यंत दुखद और गंभीर विमान हादसे की खबर सामने आई है। दक्षिण-पश्चिमी शहर किक्विट (Kikwit) से राजधानी किंशासा (Kinshasa) लौट रहा एक विमान अचानक आई तकनीकी खराबी के बाद केंगे (Kenge) इलाके में दुर्घटनाग्रस्त होकर गिर गया। जमीन से टकराते ही विमान में भीषण आग लग गई, जिसके चलते उसमें सवार दो शीर्ष सैन्य अधिकारियों, प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों और चालक दल (क्रू मेंबर्स) सहित सभी 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। कांगो की सेना ने आधिकारिक बयान जारी कर इस दर्दनाक घटना की पुष्टि की है।

देश पहले से ही आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों और विद्रोही समूहों की हिंसा से जूझ रहा है। ऐसे नाजुक समय में सशस्त्र बलों के दो शीर्षतम जनरलों का एक साथ इस तरह असमय चले जाना कांगो की सेना और सरकार के लिए एक बड़ा रणनीतिक और प्रशासनिक झटका माना जा रहा है।

कांगो सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल एफोमी एकेंगे (Major General Efomi Ekenge) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, विमान में एक उच्चस्तरीय सैन्य प्रतिनिधिमंडल सवार था। हादसे में जान गंवाने वाले वरिष्ठ अधिकारियों में देश की सैन्य न्यायपालिका और प्रशासनिक व्यवस्था के दो सबसे बड़े चेहरे शामिल थे:

  • लेफ्टिनेंट जनरल मुतोम्बो कातालायी तिएंदे (Lieutenant General Mutombo Katalayi Tiende): वे देश की शीर्ष सैन्य अदालत (High Military Court) के प्रमुख के पद पर कार्यरत थे।

  • लेफ्टिनेंट जनरल बाकुमी लिकुलिया (Lieutenant General Lucien-René Likulia Bakumi): वे कांगो के सशस्त्र बलों के ऑडिटर जनरल (Auditor-General of the Armed Forces) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

मेजर जनरल एकेंगे ने बताया कि दोनों जनरल अधिकारियों के अलावा, प्रतिनिधिमंडल में शामिल 12 अन्य सदस्य और विमान के चालक दल के सदस्य भी इस हादसे में मारे गए हैं। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि राहत एवं बचाव दल को मलबे से किसी को भी जीवित निकालने का मौका नहीं मिल सका।

स्थानीय अधिकारियों और नागरिक उड्डयन रिपोर्टों के अनुसार, विमान किक्विट शहर से अपनी निर्धारित यात्रा पूरी कर राजधानी किंशासा की ओर बढ़ रहा था। उड़ान के बीच हजारों फीट की ऊंचाई पर विमान में अचानक गंभीर तकनीकी खराबी आ गई। पायलटों ने स्थिति को संभालने और आपातकालीन लैंडिंग कराने की कोशिश की, लेकिन विमान तेजी से नियंत्रण खोते हुए केंगे क्षेत्र के पास खुले इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

कांगो के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (Civil Aviation Authority) के बोर्ड अध्यक्ष ट्रायफॉन किन-कीए मुलुंबा ने बताया कि विमान हादसे के सटीक कारणों का तुरंत पता नहीं चल सका है। विमान में अचानक किस प्रकार का तकनीकी फॉल्ट आया था, इसका खुलासा ब्लैक बॉक्स और मलबे की फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो पाएगा। सेना ने दुर्घटना के सभी पहलुओं और परिस्थितियों की पड़ताल के लिए एक उच्चस्तरीय जांच आयोग गठित कर दिया है।

यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब कांगो की सेना देश के पूर्वी हिस्से में रवांडा समर्थित कुख्यात ‘M23’ विद्रोही समूह और कई अन्य सशस्त्र गिरोहों के खिलाफ भीषण युद्ध लड़ रही है। हाल के महीनों में विद्रोही हमलों में तेजी आई थी और उन्होंने कई महत्वपूर्ण शहरों पर कब्जा करने की कोशिश की है। ऐसे चुनौतीपूर्ण सुरक्षा माहौल में सेना के लीगल, ऑडिट और अनुशासन ढांचे के दो सर्वोच्च कमांडरों की अचानक मौत से पूरी सैन्य संरचना में शोक की लहर दौड़ गई है।

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