
वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और वित्तीय संकट किस हद तक आम आदमी को तोड़ सकते हैं, इसका एक अत्यंत दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला तुर्किए (Turkey) से सामने आया है। तुर्किए की राजधानी अंकारा में देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था ‘कॉन्स्टिट्यूशनल कोर्ट’ के बाहर पेंशनर्स द्वारा अपनी मांगों को लेकर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इसी देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन के दौरान 60 वर्षीय एक रिटायर्ड पुलिसकर्मी ने अचानक अपनी सर्विस गन निकालकर खुद को गोली मार ली। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और विरोध प्रदर्शन स्थल पर चीख-पुकार मच गई।
गंभीर रूप से घायल रिटायर्ड पुलिसकर्मी को तुरंत आपातकालीन चिकित्सा के लिए नजदीक के गाजी यूनिवर्सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। तुर्किए के मीडिया आउटलेट्स द्वारा की गई पड़ताल में मृतक की पहचान 60 वर्षीय अली सेकेरोग्लू (Ali Sekeroglu) के रूप में हुई है, जो लंबे समय से पेंशन बढ़ोतरी और बेहतर आर्थिक जीवन की मांग कर रहे थे।
घटना के चश्मदीदों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अली सेकेरोग्लू की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी थी। उनके परिवार में दो बेटे थे जो पूरी तरह बेरोजगार थे, जिसके कारण घर का भरण-पोषण और रहने-सहने का खर्च संभालना उनके लिए असंभव सा हो गया था। इंटेलीन्यूज (IntelliNews) की एक रिपोर्ट के अनुसार, अपनी जान देने से कुछ वक्त पहले उन्होंने प्रदर्शन के दौरान मौजूद भीड़ से बात करते हुए दर्द बयां किया था। उन्होंने कहा था कि उनके घर में हाल ही में पोते या पोती का जन्म हुआ है, लेकिन वे इस खुशी के मौके पर पारंपरिक सोने का एक छोटा सा सिक्का तक खरीदने में असमर्थ रहे।
तुर्किए का राष्ट्रीय ध्वज ओढ़े हुए अली सेकेरोग्लू ने अपने हाथ में एक पोस्टर थाम रखा था, जिस पर बहुत ही भावुक और मार्मिक शब्द लिखे थे— ‘पैसे के लिए नहीं, बल्कि हमारी इज्जत के लिए।’ इसके थोड़ी ही देर बाद उन्होंने आसपास खड़े लोगों को अपने पास न आने की चेतावनी दी और अपनी लाइसेंसी सर्विस गन निकालकर खुद के सिर में गोली मार ली।
अपनी जीवनलीला समाप्त करने से कुछ घंटे पूर्व, अली सेकेरोग्लू ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक बहुत ही गंभीर और वैचारिक संदेश साझा किया था। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने अपने साथी पेंशनभोगियों और बुजुर्ग नागरिकों से अपील की थी कि वे इस राष्ट्रव्यापी विरोध-प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
उन्होंने अपने संदेश में लिखा था, “एकता में ही असली शक्ति है। आइए, सम्मान के साथ जीने और अपना गुजारा करने के अपने संवैधानिक अधिकार के लिए एक होकर आवाज उठाएं। हे ईश्वर, आप हमारे अंदर की पुकार सुनते हैं, काश वे लोग जो हमारे देश और हम पर शासन करते हैं, वे भी हमारी इस विवशता को सुनें।” उनके इस आखिरी संदेश ने तुर्किए के सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है।
यह कोई छिटपुट घटना नहीं है, बल्कि तुर्किए में पिछले कुछ वर्षों से लगातार बढ़ रही महंगाई और मुद्रास्फीति के कारण पेंशनर्स के बीच सुलग रहे असंतोष का परिणाम है। तुर्किए में पेंशन और सरकारी सहायता पर निर्भर रहने वाले लोग लंबे समय से बेहतर आर्थिक हालात, जीवनयापन के लिए पर्याप्त भत्ते और सम्मानजनक पेंशन की मांग कर रहे हैं। वर्ष 2023 में जब सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के वेतन में संशोधन और बढ़ोतरी की थी, तो उस दायरे से बड़ी संख्या में रिटायर्ड कर्मचारियों को बाहर रख दिया गया था, जिससे उनके भीतर नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही थी।
सोशल मीडिया पर इस घटना का एक झकझोर देने वाला वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जब उनके साथी और विभिन्न मजदूर यूनियनों के प्रतिनिधि मीडिया के सामने एक संयुक्त प्रेस बयान देने की तैयारी कर रहे थे, ठीक उसी दौरान अली सेकेरोग्लू ने पास खड़े लोगों की तरफ मुड़कर अपने परिवार की बदहाली और गुजारा करने में आ रही भयानक परेशानियों का जिक्र किया था और चंद मिनटों बाद यह खौफनाक कदम उठा लिया। यह घटना तुर्किए सरकार के लिए एक बड़ी चेतावनी साबित हो रही है।


















