August 14, 2026 3:00 pm

दर्दनाक हादसा: टीएचडीसी टनल में मलबा-पानी भरने से 7 मजदूरों की मौत, 14 घायल

चमोली। जिले के पीपलकोटी क्षेत्र के मायापुर में निर्माणाधीन टीएचडीसी टनल में गुरुवार की शाम मलबा एवं पानी भरने से सात मजदूरों की मौत हो गयी। 14 घायल मजदूरों को गोपेश्वर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक व घायल मजदूर बिहार,छतीसगढ़, झारखंड,पंजाब,हिमाचल व उत्तराखण्ड के हैं। मुख्यमंत्री धामी ने झारखंड एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से वार्ता कर हरसम्भव मदद का भरोसा दिया।

देर रात तक एनडीआरएफ,एसडीआरएफ व पुलिस के जवान बचाव कार्य में जुटे हुए थे। दुर्घटना की सूचना मिलते ही सीएम धामी ने तत्काल कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी व प्रशसन को युद्धस्तर पर बचाव कार्य करने के निर्देश दिए थे।

गुरुवार की शाम शाम लगभग 7:05 बजे टनल में 20 से अधिक मजदूरों के फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, सीआईएसएफ सहित संबंधित एजेंसियों द्वारा तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। प्रारंभिक कार्रवाई में 16 व्यक्तियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। जबकि शेष व्यक्तियों की सुरक्षित निकासी के लिए रात भर अभियान चलता रहा।

घटना की सूचना मिलते ही सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमें भी घटनास्थल के लिए रवाना की गई हैं। राहत एवं बचाव अभियान में सभी उपलब्ध संसाधनों एवं उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा घटनास्थल पर स्थिति की निरंतर निगरानी की जा रही है तथा टनल में फंसे लोगों तक सुरक्षित पहुंच बनाने और उन्हें शीघ्र बाहर निकालने के लिए अभियान को प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने झारखंड एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से की वार्ता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा एवं पानी भरने की घटना के संबंध में झारखंड के मुख्यमंत्री एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से दूरभाष पर वार्ता की।

मुख्यमंत्री धामी ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को टनल में फंसे उनके राज्यों के श्रमिकों की स्थिति से अवगत कराया और बताया कि उत्तराखंड सरकार द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 16 श्रमिकों का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है तथा शेष प्रभावित श्रमिकों के लिए भी सभी आवश्यक प्रयास निरंतर जारी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेस्क्यू किए गए श्रमिकों के उपचार में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रखी जा रही है। उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है तथा आवश्यकता के अनुरूप विशेषज्ञ उपचार, दवाइयों, आवास, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी श्रमिक को उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने की आवश्यकता होगी तो उसके लिए भी समुचित व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने झारखंड एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों को आश्वस्त किया कि उत्तराखंड सरकार उनके राज्यों के प्रत्येक प्रभावित श्रमिक और उनके परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्य सरकारों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए सभी आवश्यक सूचनाएं साझा की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है और राज्य सरकार का पूरा तंत्र प्रभावित श्रमिकों की सुरक्षा, उपचार और सहायता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रहा है।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद सुमन ने कहा कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र एवं जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।

एसपी सुरजीत पंवार ने कहा कि

जिला प्रशासन एवं राहत-बचाव से जुड़ी सभी एजेंसियां घटनास्थल पर समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं।

देखें मृतकों व घायलों की सूची

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