
Mayawati: बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए हालिया प्रदर्शन का उदाहरण देते हुए कहा कि अभी कुछ दिनों पहले ही कॉकरोच जनता पार्टी ने युवाओं की समस्याओं को लेकर एक आंदोलन शुरू किया था। लेकिन यह किसी से छिपा नहीं है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने उस आंदोलन को पूरी तरह हाईजैक कर लिया। अब ये लोग उसी आंदोलन की आड़ लेकर संसद की कार्यवाही को लगातार बाधित कर रहे हैं और उसे चलने नहीं दे रहे हैं।
मायावती ने कहा, ‘जैसा कि सभी जानते हैं, कुछ समय से सत्ता पक्ष और विपक्ष यानी BJP, कांग्रेस और उनके सहयोगी किसी न किसी मुद्दे पर संसद में हंगामा कर रहे हैं और जनता का ध्यान अहम मुद्दों से भटका रहे हैं। हो सकता है कि केंद्र और राज्यों में अपनी सरकारों की कमियों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए उनके बीच कोई अंदरूनी समझौता हो, या फिर इन मुद्दों पर बात करने से बचने के लिए इसके पीछे कोई साजिश हो। देश के लोग साफ देख सकते हैं कि क्या हो रहा है। अब देश के युवा, यानी Gen Z, अपनी कई समस्याओं को लेकर बहुत परेशान और चिंतित हैं। BSP हमेशा से अपनी राजनीतिक सोच के तहत उनके साथ खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी। इनका ये आंदोलन छात्रों और उनके माता-पिता की समस्याओं से जुड़ा है। BSP इसका समाधान खोजने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।’
बसपा प्रमुख ने कहा कि देश को ऐसा नहीं लगना चाहिए कि छात्र या जेन-जी अपनी समस्या दूर करवाने की बजाय उनकी राजनीति में ही फंसते जा रहे हैं।
‘कांग्रेस ने CJP के आंदोलन को हाइजैक किया’
उन्होंने अपनी बात समझाने के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का उदाहरण देते हुए कहा, ‘अभी कुछ दिन पहले कॉकरोच जनता पार्टी ने जेनजी की समस्याओं को लेकर आंदोलन छेड़ा था। वहां इनके आंदोलन को कांग्रेस और इनके सहयोगी दलों ने हाइजैक कर लिया था, जो किसी से छिपा नहीं है। यह लोग उसकी आड़ में अभी तक भी संसद चलने नहीं दे रहे हैं।’
‘रांची स्टूडेंट प्रोजेस्ट को BJP कर रही हाइजैक’
वह आगे कहती हैं, ‘कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन खत्म होते ही रांची में जेन जी का प्रदर्शन शुरू हो गया है, जिस पर कांग्रेस और इनके सहयोगी दल खुलकर नहीं बोल पा रहे हैं। अब वहां पर बीजेपी और उनके समर्थक दल उनकी मदद के लिए आगे आकर आवाज उठा रहे हैं। ऐसा लगता है कि अब बीजेपी ने भी इनके आंदोलन को हाइजैक कर लिया है। ऐसे में हमें दिल्ली के जंतर-मंतर के प्रदर्शन से लेकर झारंखड के रांची तक में छात्रों के आंदोलन की आड़ में राजनीति ज्यादा देखने को मिली। इनकी समस्याओं को हल कराने की गंभीरता नजर नहीं आ रही है।’
चुनावी स्वार्थ की राजनीति ज्यादा हावी- मायावती
उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि ‘उनके चुनावी स्वार्थ की राजनीति ज्यादा हावी होती दिख रही है। ऐसे में देशभर के छात्रों या जेन-जी से अपील है कि वे अपनी समस्याओं को दूर करने के लिए सत्ता और विपक्ष के चल रहे षड्यंत्र से बिल्कुल दूर रहें। साथ ही अपनी समस्याओं को दूर करने के लिए इनका सावधानी पूर्वक इस्तेमाल करें।’









