October 31, 2026 10:57 am

बिना नेट (NET) पास किए राजगीर नालंदा यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का अंतिम मौका

शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले योग्य उम्मीदवारों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खबर सामने आई है। बिहार के ऐतिहासिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित नालंदा विश्वविद्यालय (Nalanda University, Rajgir) ने विभिन्न विभागों में टीचिंग फैकल्टी के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि जिन उम्मीदवारों ने यूजीसी नेट (UGC NET) परीक्षा पास नहीं की है, वे भी इसके लिए आवेदन करने के योग्य हैं, बशर्ते वे विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित अन्य उच्च शैक्षणिक योग्यताएं और रिसर्च का अनुभव रखते हों। आवेदन करने की अंतिम तिथि कल यानी 15 सितंबर 2026 है, इसलिए इच्छुक और पात्र उम्मीदवारों के पास अब बहुत ही कम समय बचा है।

अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नालंदा विश्वविद्यालय, राजगीर (बिहार) द्वारा निकाली गई इस फैकल्टी वैकेंसी के तहत प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। यह उन स्कॉलर्स के लिए एक सुनहरा अवसर है जो ग्लोबल एकेडमिक माहौल में पढ़ाने और रिसर्च करने की इच्छा रखते हैं। इस रिक्रूटमेंट ड्राइव के जरिए उम्मीदवार भारत के साथ-साथ विदेशों से भी आवेदन कर सकते हैं, क्योंकि यह एक अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटी है जहाँ भारतीय नागरिकों के अलावा ओसीआई (OCI), पीआईओ (PIO) और विदेशी नागरिक भी अप्लाई कर सकते हैं। यूनिवर्सिटी की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि आवेदन ऑनलाइन माध्यम से गूगल फॉर्म (Google Form) के जरिए स्वीकार किए जा रहे हैं, और प्रत्येक पद के लिए 500 रुपये का आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया है।

नालंदा यूनिवर्सिटी के इस नोटिफिकेशन के अनुसार, कुल 6 प्रमुख और विशिष्ट शैक्षणिक विभागों (Schools/Departments) के लिए योग्य शिक्षकों की तलाश की जा रही है। इन विभागों में बुद्धिस्ट स्टडीज (Buddhist Studies), हिंदू स्टडीज (Hindu Studies), फिलासफी (Philosophy), संस्कृत (Sanskrit), डेटा साइंस और एआई (Data Science and AI), तथा साइंस टेक्नोलॉजी एंड पॉलिसी स्टडीज (Science, Technology & Policy Studies) शामिल हैं। इन सभी विभागों को मिलाकर प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के अलग-अलग पद बांटे गए हैं। उदाहरण के लिए, डेटा साइंस और एआई तथा साइंस टेक डिपार्टमेंट्स में आधुनिक तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष पद सृजित किए गए हैं, जो एआई सर्च और आधुनिक तकनीकी युग की मांग के अनुकूल हैं।

अक्सर उच्च शिक्षा संस्थानों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए यूजीसी नेट या स्लेट (SLET/SET) पास होना अनिवार्य माना जाता है, लेकिन नालंदा यूनिवर्सिटी के इस नोटिफिकेशन ने उन विद्वानों को बड़ी राहत दी है जिनके पास पीएचडी (Ph.D.) या पोस्ट-डॉक्टोरल रिसर्च की डिग्री है। पदों के अनुसार शैक्षणिक योग्यताएं इस प्रकार हैं:

प्रोफेसर पद के लिए: उम्मीदवार के पास संबंधित या सम्बद्ध विषय में पीएचडी या पोस्ट-डॉक्टोरल रिसर्च की डिग्री होनी चाहिए। मास्टर्स लेवल पर कम से कम 60% अंकों के साथ उत्कृष्ट अकादमिक रिकॉर्ड होना अनिवार्य है। इसके अलावा, एसोसिएट प्रोफेसर या समकक्ष पद पर 3 से 7 साल का शिक्षण और रिसर्च अनुभव होना जरूरी है, साथ ही प्रतिष्ठित सहकर्मी-समीक्षित (peer-reviewed) पत्रिकाओं में कम से कम 10 रिसर्च पेपर या पुस्तकें प्रकाशित होनी चाहिए।

एसोसिएट प्रोफेसर पद के लिए: मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से संबंधित विषय में पीएचडी या पोस्ट-डॉक्टोरल रिसर्च, मास्टर्स में 60% अंक, और 3 से 5 साल का टीचिंग व रिसर्च अनुभव आवश्यक है। इसके साथ ही न्यूनतम 8 पब्लिकेशन या रिसर्च पेपर होने चाहिए।

असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए: संबंधित या प्रासंगिक विषय में पीएचडी या पोस्ट-डॉक्टोरल रिसर्च डिग्री, और मास्टर डिग्री स्तर पर न्यूनतम 60% (या कुछ पदों के लिए निर्धारित उच्च मानक) अंक होने चाहिए। इसके अलावा कम से कम 3 से 5 रिसर्च पब्लिकेशन या पुस्तकें होना अनिवार्य है। इस पूरी प्रक्रिया में कहीं भी अनिवार्य यूजीसी नेट परीक्षा की बाध्यता का उल्लेख नहीं किया गया है, जो इसे पारंपरिक यूनिवर्सिटी नौकरियों से अलग बनाती है।

नालंदा यूनिवर्सिटी चूँकि एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का संस्थान है, इसलिए यहाँ मिलने वाला वेतनमान भी बेहद आकर्षक और वैश्विक मानकों के अनुरूप है। वार्षिक वेतन पैकेज अमेरिकी डॉलर (USD) के आधार पर निर्धारित किया गया है:

प्रोफेसर पद के लिए: 30,000 अमेरिकी डॉलर से 45,000 अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष।

एसोसिएट प्रोफेसर पद के लिए: 20,000 अमेरिकी डॉलर से 35,000 अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष।

असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए: 15,000 अमेरिकी डॉलर से 25,000 अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष।

यह सैलरी स्ट्रक्चर भारतीय मुद्रा के अनुसार काफी उच्च है, जिससे देश-विदेश के बेहतरीन प्रोफेसरों और शोधकर्ताओं को इस संस्थान से जुड़ने का अवसर प्राप्त होता है।

नालंदा विश्वविद्यालय में फैकल्टी पदों के लिए चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शिता और योग्यता पर आधारित है। सबसे पहले प्राप्त होने वाले सीवी (CV) और एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) की स्क्रीनिंग की जाती है। इसके बाद शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को सेमिनार प्रेजेंटेशन, लिखित परीक्षा (यदि आवश्यक समझी जाए) और पर्सनल इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया जाता है।

चूंकि आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 है, इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे तुरंत नालंदा यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट nalandauniv.edu.in पर जाएं, वहां उपलब्ध विस्तृत विज्ञापन को ध्यान से पढ़ें, और दिए गए गूगल फॉर्म लिंक के माध्यम से अपना आवेदन तुरंत सबमिट करें। आवेदन के साथ अपने सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पीएचडी डिग्री, अनुभव प्रमाण पत्र और रिसर्च पब्लिकेशन के दस्तावेज तैयार रखें। अंतिम तिथि के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा, इसलिए बिना किसी देरी के आज ही अपना आवेदन पूरा करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!