भोपाल के सरकारी स्कूल में छात्रों का हल्लाबोल, शिक्षिका पर घर का काम कराने और मारपीट के आरोप

भोपाल

राजधानी भोपाल के मिसरोद स्थित शासकीय विद्यालय में Z Alpha के छात्र-छात्राओं ने शिक्षिका को हटाने और निलंबित करने की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन शुरू कर दिया। विद्यार्थी स्कूल परिसर में धरने पर बैठ गए हैं और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
बच्चों से घर का काम करवाने का आरोप

प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का आरोप है कि शिक्षिका बबिता कुशवाहा कथित रूप से अपने घर से संबंधित काम स्कूल में लेकर आती हैं और बच्चों से वह काम करवाती हैं। विद्यार्थियों का यह भी आरोप है कि काम करने से इनकार करने पर बच्चों के साथ कथित रूप से मारपीट की जाती है।

मामला भोपाल के मिसरोद सरकारी स्कूल का है जहां Gen Alpha छात्रों ने अपनी ही शिक्षिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और शिक्षिका बबीता कुशवाहा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को प्रदर्शन पर बैठ गए हैं. छात्रों ने स्कूल प्रशासन से दो टूक कहा कि अगर निलंबन नहीं हुआ तो आंदोलन जारी रहेगा. स्टूडेंट्स का कहना है कि बबीता कुशवाह घर का काम कराती हैं काम नहीं करने पर फेल करने की धमकी देती हैं. प्रोजेक्ट के लिए पैसे मांगती हैं पैसे नहीं देने पर पाइप से पिटाई करती हैं। 

निलंबन की मांग पर अड़े छात्र
विद्यार्थियों ने कहा कि जब तक शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। छात्रों ने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की।

शिक्षिका को दूसरी जगह भेजा गया
विद्यार्थियों के विरोध के बाद शिक्षिका को दूसरी जगह भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, छात्र इससे संतुष्ट नहीं हैं और निलंबन की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल विद्यार्थियों की ओर से लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले में जांच और प्रशासन की रिपोर्ट के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

कार्रवाई न होने तक आंदोलन की चेतावनी
छात्रों ने शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए स्कूल में धरना शुरू कर दिया. प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने अपनी शिकायतें स्कूल प्रशासन के सामने रखीं और कहा कि जब तक शिक्षिका के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। 

छात्रों ने लगाए 2500 रुपए लेने के आरोप
बताया जा रहा है कि 11वीं के छात्रों ने 3 अक्टूबर को प्राचार्य को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग भी की थी. इस आवेदन में उन्होंने लिखा था कि भर्ती परीक्षाओं के दौरान उनसे सफाई कराने, रोल नंबर लिखने और बेंच सही करने जैसे कई काम करवाए जाते हैं. काम कराने के लिए रविवार को भी स्कूल बुलाया गया था. छात्रों ने आरोप लगाए कि मैडम हर महीने प्रोजेक्ट के नाम पर 2500 रुपए मांगती हैं. वह क्लास में पढ़ाती नहीं है बल्कि अपने मोबाइल में लगी रहती है। 

मामले के सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग के सामने भी छात्रों की शिकायतों की जांच कर उचित कदम उठाने की चुनौती है. अब देखना होगा कि छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!