
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन से 'स्मार्ट आंगनवाड़ी' अभियान की शुरुआत की. इस अभियान के तहत पहले चरण में उज्जैन जिले की 1,000 आंगनबाड़ियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किये, आंगनबाडी परिसर में पौधारोपण किया तथा पोषण प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों से बातचीत की, उन्हें उपहार दिए और उन्हें झूले पर झुलाया।
मुख्यमंत्री श्री यादव ने इस अवसर पर कहा कि आंगनवाड़ी केवल बाल देखभाल केंद्र नहीं हैं, बल्कि बच्चों के स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की पहली पाठशाला हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विभिन्न बस्तियों से आने वाले बच्चों को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य सुविधाएं और प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस अभियान के तहत आंगनबाड़ियों को प्री-स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। ये स्मार्ट आंगनवाड़ी केंद्र झूले, खेल सामग्री, आधुनिक फर्नीचर, वर्दी, शिक्षण सामग्री, डिजिटल शिक्षण सुविधाएं और बेहतर स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाएं प्रदान करेंगे।
बताया गया कि एक आंगनबाडी केंद्र को आधुनिक बनाने में करीब छह लाख रुपये की लागत आयेगी. जनसहयोग और कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) के जरिए इस अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य समाज में अधिक से अधिक लोगों को आंगनबाड़ियों को अपनाने के लिए प्रेरित करना और बच्चों का भविष्य बेहतर बनाना है।
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने उज्जैन पुलिस में पदोन्नत हुए अधिकारियों को स्टार और रिबन लगाकर सम्मानित किया. उन्होंने सिंहस्थ के लिए बनाये जा रहे सदावल हेलीपेड का भी निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने डीजीपी कैलाश मकवाना की मां के निधन के बाद उनके आवास पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित की।





