मुख्यमंत्री साय की पहल रंग ला रही, सुशासन तिहार से ग्रामीणों को मिल रही राहत

रायपुर, 23 मई 2026 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश में आयोजित सुशासन तिहार आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। इसी क्रम में मरवाही विकासखंड के खंता पंचायत अंतर्गत ग्राम सपनी में विशाल जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया, जहां 18 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर अपनी समस्याएं और मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं तथा शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त किया।
शिविर में बगड़ी, बंधौरी, बरवासन, भस्कुरा, दर्री, धनपुर, डोंगरिया, गुदुमदेवरी, गुम्माटोला, खंता, कोटखर्रा, लटकोनीखुर्द, महोरा, मझगंवा, मसुरीखार, मेंदुका, पड़खुरी एवं पिपरिया पंचायतों के ग्रामीण उपस्थित रहे। शिविर में आवास, शौचालय, डबरी निर्माण, सीसी रोड, पशु शेड, राशन कार्ड तथा विभिन्न राजस्व मामलों से संबंधित मांग एवं शिकायत आवेदन प्राप्त हुए।
शिविर में विधायक प्रणव कुमार मरपची, कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन, जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा एवं उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। विधायक श्री मरपची ने ग्रामीणों की मांग पर ग्राम बंधौरी के वार्ड क्रमांक-10, ग्राम भस्कुरा मरघट के पास तथा ग्राम दर्री के स्कूल पारा में एक सप्ताह के भीतर नया हैंडपंप स्थापित करने के निर्देश लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को दिए।
विधायक प्रणव कुमार मरपची ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य गांव के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना और लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के मूल मंत्र के साथ समाज के हर वर्ग की खुशहाली के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों, महिलाओं, बच्चों एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ अब गांव स्तर पर सीधे लोगों तक पहुंच रहा है।
कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने मंच से कुछ आवेदकों को बुलाकर उनके आवेदनों की स्थिति और समाधान की जानकारी दी। ग्राम पंचायत मगुरदा में एक जीवित व्यक्ति को मृत दर्शाकर फौती नामांतरण प्रस्ताव पारित किए जाने के मामले में उन्होंने गंभीर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि आवेदक तहसील कार्यालय के आदेश से संतुष्ट नहीं हैं तो एसडीएम कार्यालय में अपील कर सकते हैं और सुनवाई का पूरा अवसर दिया जाएगा। साथ ही जिस पंचायत द्वारा गलत प्रस्ताव पारित किया गया, उस पंचायत के सरपंच और सचिव के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश जिला पंचायत सीईओ को दिए गए।
शिविर के दौरान ग्राम मेढुका उप स्वास्थ्य केंद्र में आरएचओ-एएनएम की मांग ग्रामीणों द्वारा उठाई गई। ग्रामीणों नेबताया कि स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारी नहीं होने के कारण टीकाकरण एवं स्वास्थ्य सेवाओं में परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने तत्काल प्रभाव से एएनएम शहनाज परवीन की पदस्थापना मेढुका उप स्वास्थ्य केंद्र में करने के निर्देश दिए, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन का मार्ग प्रशस्त हुआ।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल ग्रामीणों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। यहां ड्राइविंग लाइसेंस, आयुष्मान कार्ड, दवा वितरण, शुगर एवं बीपी जांच, महतारी वंदन योजना ई-केवाईसी, श्रमिक पंजीयन और विभिन्न योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
शिविर में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को सामग्री और प्रमाण पत्र वितरित किए गए। चार गर्भवती महिलाओं की गोदभराई एवं पांच बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया। राजस्व विभाग द्वारा 24 किसानों को किसान किताब और 43 किसानों को बी-1 खसरा प्रदान किया गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ग्राम पंचायत खंता एवं बरवासन को नल-जल योजना का पूर्णता प्रमाण पत्र तथा चार प्लंबरों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इसके अतिरिक्त आयुष्मान कार्ड, सिकलसेल कार्ड, छड़ी, प्रधानमंत्री आवास योजना की चाबी एवं प्रमाण पत्र, मूंग बीज, जाल एवं क्रेटर, लर्निंग लाइसेंस, नोनी सुरक्षा योजना एवं सुकन्या योजना के अंतर्गत बांड पत्र और सहायता राशि के चेक वितरित किए गए।
कार्यक्रम के अंत में विधायक प्रणव कुमार मरपची ने उपस्थित ग्रामीणों को बाल विवाह मुक्त जिला एवं प्रदेश बनाने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि सामाजिक जागरूकता और सामूहिक सहभागिता से ही समाज को कुरीतियों से मुक्त बनाया जा सकता है। सुशासन तिहार के इस शिविर ने एक बार फिर यह साबित किया कि सरकार और प्रशासन गांव-गांव तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

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