
New Delhi: विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को राजनीतिक नेताओं से संयम बरतने की अपील की। यह अपील कांग्रेस नेताओं (जिनमें राहुल गांधी और संदीप दीक्षित भी शामिल थे) द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति की आलोचना करते हुए इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी का जिक्र करने के एक दिन बाद की गई है।
कांग्रेस नेताओं के बयानों पर मचे हंगामे के बीच, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत और इटली के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का जिक्र किया और राजनयिक मर्यादा बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने राहुल और संदीप को जमकर फटकारा।
शुक्रवार को हर दो हफ्ते में होने वाली मीडिया ब्रीफिंग के दौरान जायसवाल ने कहा, “इटली के साथ हमारे मजबूत संबंध हैं। हाल के वर्षों में इटली के साथ हमारे संबंध हर तरह से बढ़े और मजबूत हुए हैं और यह जरूरी है कि राजनयिक तौर-तरीकों के तहत, हम एक-दूसरे का सम्मान करते हुए और आपसी समझ बनाए रखते हुए अपने संबंधों को मजबूत करें।”
राहुल ने PM मोदी का ऐसे उड़ाया था मजाक
गुरुवार को नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (LoP) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति के तरीके की आलोचना करते हुए कहा कि यह नीति “नेताओं को गले लगाने” पर केंद्रित कह। अपनी बात को साबित करने के लिए, गांधी ने कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को मंच पर बुलाया और उन्हें गले लगाया।
इसके बाद दीक्षित ने मजाक में पूछा कि क्या गांधी ने उन्हें “मेलोनी समझकर” गले लगाया था। यह टिप्पणी पीएम मोदी और इटली की प्रधानमंत्री के बीच सार्वजनिक मेल-जोल की ओर इशारा थी, जिसने सोशल मीडिया पर “मेलोडी” (Melodi) टैग के तहत काफी ध्यान खींचा है। गांधी ने जवाब दिया कि वह “अभी उस स्तर तक नहीं पहुंचे हैं,” जिससे दर्शकों में हंसी गूंज उठी।
राहुल गांधी और संदीप दीक्षित के द्वारा मोदी सरकार की विदेशी नीति का मजाक उड़ाए जाने पर बीजेपी नेताओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्होंने जमकर ट्रोल किया। केंद्रीय मंत्री राजस्थान सिंह से लेकर जेपी नड्डा जैसे कई बड़े नेताओं ने राहुल गांधी की आलोचना की। निशिकांत दुबे ने तो राहुल की दादी और पूर्व प्रधानमंत्री की तस्वीर पोस्ट करके तीखा प्रहार भी किया।
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में भारत और इटली ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को काफी मजबूत किया है और इन्हें ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक पहुंचाया है। ‘संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना’ के तहत व्यापार, रक्षा, तकनीक, महत्वपूर्ण खनिजों, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग का दायरा बढ़ा है।








