प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिली 5,000 रुपये की सहायता, पौष्टिक आहार और बच्चे के भरण-पोषण में बनी मददगार
रायपुर, 5 सितंबर 2026
मातृत्व के दौरान महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य, पोषण एवं बेहतर देखभाल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बन रही है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को निर्धारित शर्तों की पूर्ति पर आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे गर्भावस्था और प्रसव के बाद मां एवं बच्चे की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है।
सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मेंड्राकला निवासी श्रीमती बिंदु मानिकपुरी के लिए भी यह योजना मातृत्व काल में आर्थिक संबल का माध्यम बनी। उनके पति श्री गुलशन कुमार मानिकपुरी कृषि कार्य करते हैं। परिवार की सीमित आर्थिक स्थिति के बीच गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक आहार और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण था। ऐसे समय में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिली सहायता ने परिवार को राहत प्रदान की।
5,000 रुपये की सहायता ने आसान की मातृत्व की राह
बिंदु बताती हैं कि पहली बार गर्भवती होने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी दी। कार्यकर्ता के मार्गदर्शन से उन्होंने योजना का लाभ प्राप्त किया और उन्हें कुल 5,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिली।
उन्हें पहली किश्त के रूप में 3,000 रुपये प्राप्त हुए। इसके बाद प्रसव के पश्चात बच्चे का आवश्यक टीकाकरण पूर्ण होने पर 2,000 रुपये की दूसरी किश्त मिली। आर्थिक रूप से सीमित परिवार के लिए मातृत्व के इस महत्वपूर्ण दौर में मिली यह सहायता काफी उपयोगी साबित हुई।
पौष्टिक आहार और बच्चे के भरण-पोषण में मिली मदद
बिंदु ने बताया कि योजना से प्राप्त राशि का उपयोग उन्होंने अपने और अपने बच्चे के खान-पान, पौष्टिक आहार तथा भरण-पोषण से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में किया। उनका कहना है कि गर्भावस्था और प्रसव के बाद मां और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त पोषण बेहद आवश्यक होता है, लेकिन आर्थिक परिस्थितियों के कारण कई बार इन जरूरतों को पूरा करना कठिन हो जाता है।
ऐसे समय में सरकार से मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें राहत दी और अपने स्वास्थ्य तथा बच्चे के पोषण पर अधिक ध्यान देने में मदद की। इससे परिवार पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक दबाव भी कुछ कम हुआ।
योजना ने बढ़ाया आत्मविश्वास, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बनीं मददगार
बिंदु का कहना है कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि मातृत्व के दौरान महिलाओं को सहयोग और सुरक्षा का एहसास भी कराती है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं के लिए समय पर मिलने वाली सहायता काफी महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने योजना की जानकारी देने और लाभ दिलाने में सहयोग के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उनके अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से महिलाओं तक शासन की योजनाओं की जानकारी पहुंच रही है, जिससे पात्र हितग्राही समय पर योजनाओं का लाभ उठा पा रही हैं।
विष्णु भैया के प्रति जताया आभार
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिली आर्थिक सहायता के लिए श्रीमती बिंदु मानिकपुरी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं के लिए मातृत्व के दौरान मिलने वाली सहायता बेहद उपयोगी है।
बिंदु ने कहा, “इस योजना से हम महिलाओं को सशक्त किया गया है। मुझे गर्भावस्था और प्रसव के बाद जो आर्थिक सहायता मिली, उससे मेरे और मेरे बच्चे के भरण-पोषण तथा पौष्टिक आहार में मदद मिली। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री विष्णु देव भैया को बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूं।”
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को मातृत्व के दौरान आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उनके स्वास्थ्य, पोषण और शिशु देखभाल में सहयोग दिया जा रहा है। बिंदु मानिकपुरी की कहानी इस बात की मिसाल है कि समय पर मिला आर्थिक संबल मातृत्व के कठिन दौर को सहज बनाने के साथ मां और बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।







