आनंद निगम| उज्जैन10 मिनट पहले

ज्योतिष शास्त्र में सबसे प्रभावशाली माने जाने वाले ग्रह शनि देव 26 जुलाई से वक्री होने जा रहे हैं यानी इस दिन से शनि की उल्टी चाल शुरू हो जाएगी, जो लगभग 140 दिनों तक चलेगी। न्याय, धर्म और अध्यात्म के कारक शनि की इस बदली हुई चाल का असर देश-दुनिया समेत सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा।
इन राशियों को सावधान रहने की जरूरत है
ज्योतिषियों के अनुसार, शनि के वक्री होने पर मेष राशि के जातकों को तनाव और चिंता बढ़ सकती है। ऐसे में सलाह दी जाती है कि बेवजह ज्यादा सोचने से बचें। इस बीच मीन राशि के जातकों को जल्दबाजी से बचते हुए शांत दिमाग से निर्णय लेना चाहिए।
वृष, सिंह और मकर राशि के लिए शुभ संकेत
वहीं वृषभ, सिंह और मकर राशि वाले लोगों के लिए यह अवधि लाभकारी मानी जा रही है। करियर, कार्यस्थल और नई योजनाओं में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।
देश-दुनिया पर भी दिख सकता है असर
ज्योतिषाचार्य पंडित अमर डिब्बेवाला के अनुसार शनि लगभग 135 से 140 दिन में अपनी चाल बदलते हैं। उनका कहना है कि इस बार शनि की वक्री चाल वैश्विक राजनीति, विदेश नीति और कूटनीतिक समझौतों पर असर डाल सकती है। देश सीमा सुरक्षा, आंतरिक विकास और संसाधनों को मजबूत करने पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। उनके अनुसार यह अवधि भारत के लिए शोध और नई उपलब्धियों के लिहाज से शुभ मानी जाती है।
प्राकृतिक असंतुलन की भी आशंका
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान अत्यधिक बारिश, भूस्खलन और भूकंप जैसी प्राकृतिक घटनाओं की संभावना भी बढ़ सकती है। हालाँकि, यह एक ज्योतिषीय आकलन है और इसे वैज्ञानिक पूर्वानुमान नहीं माना जाता है।
शनि का वक्री होना क्या है?
खगोल विज्ञान के अनुसार शनि वास्तव में उल्टी गति नहीं करता है। पृथ्वी सूर्य के निकट होने के कारण यह शनि की तुलना में अधिक तेजी से परिक्रमा करती है। जब पृथ्वी शनि से आगे निकल जाती है, तो पृथ्वी से देखने पर शनि कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलता हुआ प्रतीत होता है। इस स्पष्ट स्थिति को प्रतिगामी कहा जाता है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय
- शनिवार के दिन 'ओम शं शनैश्चराय नम:' मंत्र का जाप करें।
- नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें।
- शनि स्तोत्र एवं शनि कवच का पाठ करें।
- किसी जरूरतमंद को काले तिल, उड़द की दाल, सरसों का तेल, काला छाता या जूते दान करें।
- शनिवार के दिन किसी शनि मंदिर में सरसों का तेल चढ़ाएं और जरूरतमंदों को खाना खिलाएं।









