September 13, 2026 10:47 pm

सबालेंका की खिताबी हैट्रिक का सपना चकनाचूर, आर्थर ऐश स्टेडियम में रिबाकिना का ऐतिहासिक तूफान

न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित आर्थर ऐश स्टेडियम में खेले गए साल के चौथे और आखिरी ग्रैंड स्लैम यूएस ओपन 2026 के महिला सिंगल्स फाइनल में कजाकिस्तान की स्टार टेनिस खिलाड़ी एलेना रिबाकिना ने इतिहास रच दिया है। खचाखच भरे स्टेडियम में दुनिया की दो सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच तीन सेटों तक चला यह महामुकाबला बेहद रोमांचक और सांसें थाम देने वाला रहा। 27 वर्षीय रिबाकिना ने गजब का मानसिक संयम और आक्रामक बेसलाइन खेल दिखाते हुए दो बार की डिफेंडिंग चैंपियन एरिना सबालेंका को 6-4, 5-7, 6-2 से मात देकर ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया। इस शानदार जीत के साथ ही रिबाकिना ने न केवल अपने करियर का तीसरा ग्रैंड स्लैम खिताब जीता, बल्कि डब्ल्यूटीए रैंकिंग में विश्व की नंबर एक खिलाड़ी बनने की दिशा में भी अपना दावा बेहद पुख्ता कर लिया है।

बेलारूस की धाकड़ खिलाड़ी एरिना सबालेंका इस खिताबी मुकाबले में एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित करने के इरादे से कोर्ट पर उतरी थीं। वह ओपन एरा में लगातार तीन बार यूएस ओपन जीतने वाली तीसरी महिला खिलाड़ी बनने की दहलीज पर खड़ी थीं। उनसे पहले यह अद्भुत कारनामा सिर्फ क्रिस एवर्ट और सेरेना विलियम्स जैसी महान हस्तियों के नाम दर्ज था। इसके अलावा सबालेंका फ्लशिंग मीडोज के हार्ड कोर्ट पर लगातार 20 मैच जीतकर अजेय चल रही थीं। हालांकि, फाइनल के दबाव में सबालेंका की अनफोर्स्ड गलतियों और रिबाकिना की अचूक सर्विस ने इस पूरे विजय रथ को रोक दिया। सबालेंका वर्ष 2014 के बाद पहली बार न्यूयॉर्क में खिताबी हैट्रिक लगाने का सपना संजोए बैठी थीं, जो इस हार के साथ ही टूट गया।

एलेना रिबाकिना की यह खिताबी जीत उनके जुझारूपन की मिसाल है। टूर्नामेंट शुरू होने से ऐन पहले अभ्यास सत्र के दौरान उनके टखने में गंभीर चोट लग गई थी, जिसके चलते उनके मुख्य ड्रॉ में हिस्सा लेने पर ही गहरे सवाल खड़े हो गए थे। इसके बावजूद 27 वर्षीय खिलाड़ी ने दर्द को दरकिनार करते हुए पूरे दो हफ्ते अविश्वसनीय टेनिस का प्रदर्शन किया। वर्ष 2022 में विंबलडन का ग्रास कोर्ट खिताब जीतने वाली रिबाकिना ने इस साल जनवरी में ऑस्ट्रेलियन ओपन की ट्रॉफी उठाई थी और अब न्यूयॉर्क के तेज हार्ड कोर्ट पर यूएस ओपन जीतकर साबित कर दिया है कि वह हर सतह पर दुनिया की सबसे मुकम्मल खिलाड़ियों में से एक हैं।

यह फाइनल मुकाबला इस साल की शुरुआत में हुए ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल की एक जीवंत पुनरावृत्ति जैसा था, जहां रिबाकिना ने सबालेंका को शिकस्त देकर उन्हें मेलबर्न में खिताबी हैट्रिक से रोका था। हालांकि सबालेंका ने इसके बाद इंडियन वेल्स के फाइनल और मियामी ओपन के सेमीफाइनल में रिबाकिना को सीधे सेटों में हराकर अपनी पुरानी हार का हिसाब चुकता कर लिया था। दोनों शीर्ष प्रतिद्वंद्वियों के बीच हार्ड कोर्ट पर खेला गया यह कुल 15वां आमना-सामना था। इस निर्णायक जीत के साथ ही रिबाकिना ने सबालेंका के खिलाफ अपने हेड-टू-हेड रिकॉर्ड को 8-7 की बढ़त में तब्दील कर दिया है, जो महिला टेनिस में इन दोनों की तीव्र प्रतिद्वंद्विता को दर्शाता है।

मैच की शुरुआत से ही रिबाकिना की पहली सर्व और सटीक बैकहैंड विनर सबालेंका पर भारी पड़ रहे थे, जिससे उन्होंने पहला सेट 6-4 से अपने नाम किया। दूसरे सेट में सबालेंका ने अपने ट्रेडमार्क आक्रामक फोरहैंड और जोरदार आवाजों के साथ वापसी की और 7-5 से सेट जीतकर मुकाबले को निर्णायक तीसरे सेट में खींच दिया। तीसरे सेट में जब लग रहा था कि मोमेंटम सबालेंका की तरफ मुड़ चुका है, तब रिबाकिना ने अपने चिरपरिचित शांत स्वभाव का परिचय दिया। उन्होंने सबालेंका की दूसरी सर्व पर कड़े हमले किए और लगातार दो सर्विस ब्रेक हासिल करते हुए 6-2 से सेट और चैंपियनशिप अपने नाम कर ली। फाइनल में सबालेंका की डबल फॉल्ट्स और बैकहैंड से हुई गलतियां अंततः उनके लिए आत्मघाती साबित हुईं।

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