October 29, 2026 5:36 am

BREAKING NEWS

जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्रों को मजबूत बनाएं, निर्बाध संचालन सुनिश्चित करें : मंत्री कुशवाहा चीन के पास 1800 लड़ाकू विमान, फिर भी भारत से हवाई जंग में क्यों कमजोर पड़ सकता है ड्रैगन? India-China Air War: चीन के पास ज्यादा फाइटर जेट, लेकिन तिब्बत के एयरबेस बन सकते हैं बड़ी चुनौती; जानें वजह भारत-चीन हवाई मुकाबले में सिर्फ विमानों की संख्या नहीं, ऊंचाई और हथियार भी अहम; समझें ड्रैगन की मुश्किलें दर्दनाक हादसा: पति की मौत के सदमे में गर्भवती महिला ने बेटे संग दी जान, बेटी भागकर बची शिवराज सिंह चौहान की कॉरपोरेट जगत से अपील, गांव-गरीब और खेती को न भूलें 29 अक्टूबर राशिफल: गुरुवार को इन राशियों की चमकेगी किस्मत, कुछ जातकों को बरतनी होगी सावधानी IPS की कार्रवाई के बाद शराब का ‘खेल’: मौके पर 50 लीटर बरामद, थाने पहुंचते-पहुंचते 5 लीटर कम! भोपाल में मचा हड़कंप

सांसों की जंग जीतकर मैदानों में दौड़ी नन्हीं प्रेरणा

रायपुर, 24 सितम्बर 2026

बचपन खेल-कूद, तितलियों के पीछे भागने और खिलखिलाने का नाम है, लेकिन बस्तर जिले की ग्राम लेण्ड्रा की मासूम प्रेरणा के लिए चंद कदम चलना भी किसी पहाड़ चढ़ने जैसा हो गया था। थोड़ा सा भी हिलने-डुलने पर उखड़ती सांसें और शरीर को जकड़ लेने वाली थकान उसके हंसते-खेलते बचपन को चुपचाप निगल रही थी। माता-पिता की आंखों में बेबसी थी और बच्ची के चेहरे से चंचलता गायब, मगर नियति ने इस नन्हीं जान के लिए एक नई सुबह तय कर रखी थी।

प्रेरणा के जीवन में मोड़ तब आया जब सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र दरभा की राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम उसके स्कूल में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंची। डॉक्टरों की अनुभवी नजरों ने प्रेरणा की थकी सांसों के पीछे छिपे खतरे को पल भर में भांप लिया। जांच में दिल की बीमारी के लक्षण दिखे, तो बिना एक पल गंवाए टीम उसे एमपीएम अस्पताल ले गई। वहां एसएमसी अस्पताल रायपुर के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. एसएस मोहंती ने इको टेस्ट किया और पुष्टि की कि प्रेरणा के नन्हें दिल को बचाने के लिए तुरंत ओपन सर्जरी की जरूरत है। यह खबर परिवार के पैरों तले जमीन खिसकाने वाली थी, लेकिन यहीं से डॉक्टरों और प्रशासन की फरिश्ता बनी टीम ने कमान संभाली।

प्रेरणा के माता-पिता की सहमति के बाद खण्ड चिकित्सा अधिकारी दरभा और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के मार्गदर्शन में उसे रायपुर के एसएमसी अस्पताल ले जाया गया। ऑपरेशन थिएटर का दरवाजा बंद हुआ और शुरू हुई सांसों की सबसे बड़ी जंग। डॉ. मोहंती और उनकी सर्जिकल टीम के हुनर व तत्परता से वह जटिल सर्जरी पूरी तरह सफल रही और प्रेरणा के दिल की धड़कनों ने एक नया जीवन राग छेड़ दिया।

आज प्रेरणा को देखकर कोई कह ही नहीं सकता कि यह वही बच्ची है जो कभी चार कदम चलने में हांफ उठती थी। अब न तो उसकी सांसें फूलती हैं और न ही चेहरे पर थकान का साया नजर आता है। वह अपने बस्ते के साथ खिलखिलाते हुए स्कूल जा रही है और खेल के मैदानों में हवा से बातें कर रही है। अपनी बेटी को दोबारा जिंदगी की दौड़ में सबसे आगे देख भावुक माता-पिता बार-बार स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों का आभार जताते नहीं थक रहे। सही वक्त पर सही फैसले ने साबित कर दिया कि जब उम्मीद और संवेदना एक साथ खड़े हों, तो धड़कनें कभी हार नहीं मानतीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!