उत्तरकाशी। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश और बर्फबारी के कारण ट्रेकिंग रूट प्रभावित हुए हैं। गोमुख-तपोवन ट्रेक पर भारी बर्फबारी के बीच फंसे 121 ट्रेकर्स को वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर गंगोत्री धाम पहुंचाया।
बताया गया कि 121 ट्रेकर्स पिछले दो-तीन दिनों में गोमुख और तपोवन क्षेत्र में ट्रेकिंग और कैंपिंग के लिए पहुंचे थे। शनिवार दोपहर बाद अचानक तेज बर्फबारी शुरू होने से ट्रेक पर आवाजाही मुश्किल हो गई। कई स्थानों पर हिमस्खलन का खतरा भी बना हुआ था। इसके बाद प्रशासन और वन विभाग ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया और सभी ट्रेकर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
वहीं उत्तरकाशी के अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फंसे पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स के लिए भी हेलीकॉप्टर रेस्क्यू अभियान चलाया गया। शुरुआत में 136 लोगों को अलग-अलग उच्च हिमालयी रूटों पर फंसा बताया गया था। इनमें हाई अल्टीट्यूड एक्सपीडिशन के सदस्य, कालिंदी पास और ऑडन कोल क्षेत्र में मौजूद ट्रेकर्स शामिल थे।
ऑडन कोल क्षेत्र में फंसे 29 ट्रेकर्स को हेलीकॉप्टर से सुरक्षित हर्षिल पहुंचाया गया और आर्मी बेस अस्पताल में उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। बाद में कालिंदी खाल क्षेत्र में फंसे 19 ट्रेकर्स को भी सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
इधर बागेश्वर जिले में पिंडारी ग्लेशियर और खाती गांव के पास 43 ट्रेकर्स के फंसे होने की जानकारी सामने आई। प्रशासन के मुताबिक सभी सुरक्षित हैं।
मौसम में सुधार के बाद दो दिनों से प्रभावित चारधाम यात्रा भी सोमवार को दोबारा शुरू कर दी गई। यमुनोत्री हाईवे पर वाहनों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य हुई। हालांकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम और सड़क की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।


















