राष्ट्रीय बागवानी मिशन से मिली तकनीकी मदद
रायपुर, 07 अगस्त 2026
कभी खेती को केवल गुजर-बसर का साधन मानने वाले छोटे और सीमांत किसानों के लिए आधुनिक कृषि तकनीक आज नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है। कोरबा जिले के विकासखंड कोरबा अंतर्गत ग्राम पतरापाली की महिला किसान श्रीमती राजश्री मार्काे ने वैज्ञानिक खेती और आधुनिक तकनीक को अपनाकर यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों और कम भूमि में भी बेहतर उत्पादन लेकर खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जा सकता है।
श्रीमती राजश्री मार्काे ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के माध्यम से विभागीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और वर्ष 2024-25 में 1.20 हेक्टेयर क्षेत्र में हाइब्रिड टमाटर की खेती आधुनिक तकनीक से शुरू की। उन्होंने खेत में ड्रिप (टपक) सिंचाई प्रणाली और मल्चिंग शीट का उपयोग किया। इससे फसल को आवश्यकता के अनुसार पानी, पोषण और संरक्षण मिलता रहा तथा खेत में नमी लंबे समय तक बनी रही।
100 से 120 टन तक हुआ टमाटर का उत्पादन
आधुनिक तकनीक के बेहतर परिणाम श्रीमती राजश्री की मेहनत में साफ दिखाई दिए। उन्होंने एक सीजन में लगभग 100 से 120 टन उच्च गुणवत्ता वाले टमाटर का उत्पादन प्राप्त किया। उपज को बाजार में बेचकर उन्होंने लगभग 8 से 10 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया।
यह उपलब्धि उनके लिए केवल आर्थिक सफलता नहीं, बल्कि खेती के पारंपरिक तौर-तरीकों से आगे बढ़कर वैज्ञानिक तकनीक अपनाने का परिणाम भी है। उनकी सफलता अब आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।
कम पानी, कम लागत और बेहतर उत्पादन
ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने से खेत में पानी का उपयोग अधिक प्रभावी ढंग से हुआ। पौधों की जड़ों तक आवश्यकता के अनुसार पानी और घुलनशील उर्वरक पहुंचाए गए। इससे पानी की बचत के साथ-साथ पौधों को पोषक तत्वों की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित हुई। वहीं, मल्चिंग शीट के उपयोग से खेत में खरपतवार का अंकुरण काफी हद तक नियंत्रित रहा। इससे निराई-गुड़ाई और अतिरिक्त श्रम की आवश्यकता कम हुई तथा उत्पादन लागत में भी कमी आई। मल्चिंग के कारण खेत की नमी लंबे समय तक बनी रहने से फसल को अनुकूल वातावरण मिला और पौधों का विकास बेहतर हुआ।
तकनीक ने बढ़ाया आत्मविश्वास
नई तकनीक अपनाने के बाद फसल से मिले बेहतर परिणामों ने श्रीमती राजश्री मार्काे का आत्मविश्वास बढ़ाया। अब वे स्वयं आधुनिक उद्यानिकी तकनीकों को अपनाने के साथ आसपास के किसानों को भी इसके लिए प्रेरित कर रही हैं। उनके खेत को देखने और आधुनिक तकनीकों को समझने के लिए क्षेत्र के किसान भी पहुंच रहे हैं।
श्रीमती राजश्री की सफलता यह संदेश देती है कि वैज्ञानिक खेती, आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठाकर कम भूमि में भी अधिक उत्पादन और बेहतर आय हासिल की जा सकती है।
अन्य किसानों के लिए बनीं प्रेरणा
श्रीमती राजश्री मार्काे की सफलता से प्रेरित होकर क्षेत्र के कई किसान अब ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और उन्नत उद्यानिकी फसलों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। उद्यानिकी विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मिशन के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री तथा आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।








