BREAKING NEWS

नैनो उर्वरक के उपयोग से भिंडी, मक्का एवं धान की उपज में वृद्धि, किसान प्रभु राम राजवाड़े ने साझा किए अपने सकारात्मक अनुभव

अम्बिकापुर 20 जून 2026

जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम जगदीशपुर के प्रगतिशील किसान प्रभु राम राजवाड़े ने भिंडी, मक्का एवं धान की फसलों में नैनो उर्वरक के सफल उपयोग से प्राप्त सकारात्मक अनुभव साझा करते हुए कहा है कि इस तकनीक ने खेती को अधिक सरल, सुविधाजनक एवं लाभकारी बनाया है। उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया के उपयोग से फसल उत्पादन में वृद्धि हुई है, साथ ही मिट्टी की गुणवत्ता को सुरक्षित रखने में भी सहायता मिल रही है।

किसान प्रभु राम राजवाड़े ने बताया कि वे अपनी फसलों में नियमित रूप से नैनो यूरिया-डीएपी का उपयोग कर रहे हैं और इसके परिणाम संतोषजनक रहे हैं। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया का उपयोग करना बेहद आसान है। एक एकड़ क्षेत्र के लिए एक बोतल नैनो यूरिया पर्याप्त होती है तथा एक टंकी पानी में इसके तीन ढक्कन मिलाकर फसलों पर आसानी से छिड़काव किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि छिड़काव के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होती और कम समय में अधिक क्षेत्र में इसका उपयोग किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया के उपयोग से फसलों की वृद्धि बेहतर हुई है तथा उत्पादन में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उनके अनुसार, जहाँ पहले उन्हें लगभग 10 इकाई उत्पादन प्राप्त होता था, वहीं अब लगभग 20 इकाई तक उत्पादन प्राप्त हो रहा है। इससे किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।

प्रभु राम राजवाड़े ने बताया कि नैनो यूरिया का एक महत्वपूर्ण लाभ इसकी आसान उपलब्धता और परिवहन सुविधा है। इसकी छोटी पैकेजिंग होने के कारण इसे आसानी से जेब या झोले में रखकर लाया-ले जाया जा सकता है। इससे किसानों को भारी बोझ ढोने की आवश्यकता नहीं पड़ती और समय एवं श्रम दोनों की बचत होती है।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक दानेदार यूरिया के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जबकि नैनो यूरिया का प्रभाव सीधे पौधों तक सीमित रहता है और मिट्टी पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता। यही कारण है कि उन्होंने अपनी खेती में नैनो यूरिया को अपनाया है।

किसान प्रभु राम राजवाड़े ने बताया कि अपने सकारात्मक अनुभवों को देखते हुए उन्होंने अपने गाँव के 8 से 10 अन्य किसानों को भी नैनो यूरिया के उपयोग की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं तथा अपनी भूमि की उर्वरता को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं।

उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि यदि वे अपनी जमीन की सेहत को सुरक्षित रखते हुए अच्छी पैदावार और अधिक लाभ प्राप्त करना चाहते हैं, तो नैनो यूरिया का उपयोग अवश्य करें। यह किसानों के लिए एक प्रभावी, सुविधाजनक और पर्यावरण हितैषी विकल्प है, जो टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R No. 13843/ 75

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!