October 25, 2026 6:31 am

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निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करें, कमियों पर जवाबदेही तय कर करें कार्रवाई : प्रबंध संचालक यादव प्रदेश के 208 वृंदावन ग्रामों में होगी गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार प्रतियोगिता डायल-112 की तत्परता से सड़क दुर्घटना में घायल 12 व्यक्तियों को समय पर मिली चिकित्सा सहायता 25 अक्टूबर राशिफल: रविवार को इन राशियों की चमकेगी किस्मत, करियर में तरक्की के योग विशेष लेख : ’मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषक उन्नति योजना से फसल विविधीकरण को मिल रहा बढ़ावा, किसानों के लिए खुल रहे आय के नए अवसर’ ’एशियन पैरा गेम्स में भारत का ऐतिहासिक परचम, 114 पदकों के साथ टीम इंडिया ने रचा नया इतिहास’

प्रदेश के 208 वृंदावन ग्रामों में होगी गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार प्रतियोगिता

भोपाल 

प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने, उन्नत देशी नस्ल की गायों के पालन को प्रोत्साहित करने और पशुपालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना शुरू की जा रही है। पहले साल चयनित 208 वृंदावन ग्रामों में यह प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता के माध्यम से उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादक गायों की पहचान कर पशुपालकों को पुरस्कृत किया जाएगा। प्रतियोगिता 27 से 31 अक्टूबर तक रहेगी।

प्रतियोगिता में सर्वाधिक दूध देने वाली गायों के पशुपालकों को उनके प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कृत किया जाएगा। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले पशुपालक को 1 लाख रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले को 50 हजार रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले पशुपालक को 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। प्रतियोगिता सभी वर्ग के पशुपालकों के लिए है।

प्रदेश सरकार द्वारा पशुपालन को लाभ का धंधा बनाने और पशुपालकों की आय में वृद्धि के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार प्रतियोगिता भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रतियोगिता के माध्यम से पशुपालकों को बेहतर नस्ल की गायों के पालन, दूध उत्पादन में वृद्धि और पशुपालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही इस पहल से प्रदेश में देशी गोवंश के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्नत पशुपालन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

देशी नस्ल की दुधारू गायों के संरक्षण और संवर्धन पर विशेष ध्यान

योजना के अंतर्गत गिर, साहीवाल, थारपारकर, मालवी, निवाड़ी सहित अन्य उन्नत अधिसूचित स्वदेशी नस्लों के संवर्धन पर विशेष जोर दिया जाएगा। योजना के द्वितीय वर्ष 2027-28 से वर्ष 2030-31 तक प्रदेश के सभी 313 विकासखंडों में विकासखंड स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। विजेताओं को प्रतिवर्ष गोवर्धन पूजा के अवसर पर पुरस्कृत किया जाएगा। पुरस्कार की राशि का उपयोग शत-प्रतिशत देशी गोवंश की खरीद, संरक्षण और संवर्धन के लिए ही किया जा सकेगा। योजना के माध्यम से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, देशी नस्लों के संरक्षण, पशुपालकों की आय में वृद्धि तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। साथ ही वृंदावन ग्रामों को दुग्ध उत्पादन और देशी गोवंश के संवर्धन के आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

विकासंखड एंव जिला स्तर पर समिति गठित

प्रतियोगिता के आयोजन के लिए विकासखंड एवं जिला स्तर पर समिति का गठन किया गया है। विकासखंड स्तरीय समिति में अनुभाग अधिकारी (राजस्व) तथा पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारी- कर्मचारी शामिल होंगे। विकासखंड पशु चिकित्सा अधिकारी समिति के सदस्य सचिव होंगे। समिति द्वारा प्रतिभागियों से आवेदन प्राप्त कर उनका संकलन एवं परीक्षण किया जाएगा तथा प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता के परिणामों का संकलन एवं परीक्षण करने के बाद उन्हें जिले के उपसंचालक, पशुपालन एवं डेयरी को भेजा जाएगा। जिला स्तरीय समिति में जिला कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, उपसंचालक, पशुपालन एवं डेयरी, उपसंचालक, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग तथा उप पंजीयक, सहकारी संस्थाएं शामिल होंगे। उपसंचालक, पशुपालन एवं डेयरी समिति के सदस्य सचिव होंगे। समिति द्वारा विकासखंड स्तरीय समिति से प्राप्त प्रस्तावों का निर्धारित मापदंडों के अनुसार परीक्षण एवं सत्यापन किया जाएगा। इसके उपरांत पुरस्कार विजेताओं के नाम स्वीकृत कर जारी किए जाएंगे। जिला उपसंचालक, पशुपालन एवं डेयरी द्वारा प्रतियोगिता के परिणामों का संकलन कर संचालक, पशुपालन एवं डेयरी को भेजा जाएगा।

 

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रायपुर, 24 अक्टूबर 2026 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित सेवा सेतु जैसी डिजिटल पहल का उद्देश्य नागरिकों को शासकीय सेवाओं से जोड़ना और जरूरी दस्तावेजों की उपलब्धता को सुविधाजनक बनाना है। सेवा सेतु से नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने और शासकीय सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में मुंगेली जिले के तखतपुर निवासी मानसी चंद्राकर का सेवा सेतु के माध्यम से जाति, निवास एवं आय प्रमाण पत्र बना। इन प्रमाण पत्रों की आवश्यकता विद्यार्थियों की पढ़ाई, विभिन्न शासकीय योजनाओं और अन्य जरूरी कार्यों में पड़ती है। ऐसे में सेवा सेतु के माध्यम से आवेदन एवं प्रमाण पत्र संबंधी सुविधा मिलने से नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने में मदद मिल रही है। मानसी ने सेवा सेतु के संचालन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और शासन-प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि ऐसी सुविधाएं नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी और कारगर हैं।

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