
रायपुर 19 अगस्त 2026
कभी जर्जर कच्चे मकान में बारिश के दौरान छत टपकने और दीवार गिरने की चिंता में जीवन गुजारने वाली ग्राम पंचायत डकईपारा की 70 वर्षीय श्रीमती फूलमत बाई के जीवन में अब खुशियों ने दस्तक दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत मिले पक्के आवास ने उन्हें सुरक्षित छत के साथ सम्मानजनक जीवन का भरोसा दिया है। शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़कर उनका एकाकी और कठिन जीवन अब पहले से कहीं आसान हो गया है।
पति के निधन के बाद फूलमत बाई के सामने सुरक्षित आवास और आर्थिक जरूरतों की चुनौती थी। वे अपनी बेटी और दामाद के साथ जर्जर मिट्टी के मकान में जीवनयापन कर रही थीं। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवास स्वीकृत होने के बाद पहली किश्त मिलते ही निर्माण शुरू हुआ और आज उनके पास अपना मजबूत पक्का मकान है। पक्की छत ने उन्हें मौसम की परेशानियों से राहत देने के साथ जीवन में सुरक्षा और आत्मसम्मान भी दिया है।
आवास निर्माण के दौरान फूलमत बाई को मनरेगा के तहत 90 दिवस की अकुशल श्रम मजदूरी का लाभ भी मिला। इससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक संबल मिला और घर के निर्माण में भी सहायता मिली। आवास योजना और मनरेगा का यह समन्वय उनके लिए आर्थिक मजबूती का आधार बना।
फूलमत बाई को उचित मूल्य दुकान से राशन का लाभ मिल रहा है। वहीं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मिले गैस चूल्हे से अब उन्हें लकड़ी और कंडे के लिए परेशान नहीं होना पड़ता। बेटी ने उन्हें गैस चूल्हा चलाना सिखाया है। अब वे धीरे-धीरे इसका उपयोग कर रही हैं और धुएं से होने वाली परेशानी से भी राहत मिली है।
फूलमत बाई को सामाजिक सुरक्षा वृद्धावस्था पेंशन का नियमित लाभ भी मिल रहा है। पेंशन की राशि से वे अपनी दैनिक जरूरतों और दवा आदि के खर्च को पूरा कर पा रही हैं। इससे उन्हें अपने छोटे-छोटे खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
शासकीय योजनाओं से मिले लाभ से खुश श्रीमती फूलमत बाई कहती हैं, “प्रधानमंत्री आवास बन जाने से मेरी सबसे बड़ी समस्या दूर हो गई है। अब मेरे पास अपना पक्का घर है। पेंशन से मेरा खर्च चल जाता है और गैस चूल्हा मिलने से लकड़ी-कंडे की परेशानी भी खत्म हो गई है। अब जीवन में सब कुछ हो गया है, किसी बात की चिंता नहीं है।”
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं ने उनके जैसे जरूरतमंद बुजुर्गों को सुरक्षित आवास, आर्थिक सहारा और सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर दिया है।









