
रायपुर, 15 सितंबर 2026
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम लोहारी की रहने वाली मजदूर मां रामवती सिंह के लिए अपने बच्चे को अच्छी शिक्षा दिलाना कभी एक ऐसा सपना था, जिसके सामने आर्थिक मजबूरियां खड़ी थीं। मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाली रामवती के लिए बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना आसान नहीं था। ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार की अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना उनके परिवार के लिए उम्मीद की किरण बनकर आई। योजना के माध्यम से उनके बेटे समीर सिंह को कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा मिल रही है। इससे न केवल पढ़ाई का खर्च कम हुआ है, बल्कि समीर के बेहतर भविष्य की राह भी आसान हुई है।
रामवती सिंह का श्रम विभाग में पंजीयन है। इसी पंजीयन के माध्यम से उनके बेटे को अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना का लाभ मिला। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए यह योजना शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा सहारा बनी है। समीर को लगातार निःशुल्क शिक्षा मिलने से उसकी मां अब उसकी पढ़ाई और भविष्य को लेकर पहले की तरह आर्थिक चिंता में नहीं हैं।
रामवती कहती हैं कि मजदूरी कर परिवार चलाते हुए बच्चे की पढ़ाई का खर्च उठाना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। सरकार की योजना से बेटे को पढ़ने का अवसर मिला है। अब उन्हें भरोसा है कि समीर अच्छी शिक्षा हासिल कर अपने सपनों को पूरा करेगा और जीवन में बेहतर मुकाम हासिल करेगा।
रामवती सिंह के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना केवल निःशुल्क शिक्षा की सुविधा नहीं, बल्कि उनके बेटे के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बन गई है। एक श्रमिक परिवार के बच्चे को शिक्षा का अवसर देकर यह योजना उन परिवारों के सपनों को भी नई दिशा दे रही है, जो आर्थिक परिस्थितियों के कारण अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंतित रहते हैं।
रामवती सिंह ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और श्रम विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस योजना से उनके बच्चे को पढ़ाई का सुनहरा अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि वे इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री और श्रम विभाग का हृदय से धन्यवाद करती हैं।









