
21 जून मध्य प्रदेश में स्काईवॉचर्स के लिए एक विशेष दिन होगा, क्योंकि 14 जिलों में 'शून्य छाया दिवस' नामक एक दुर्लभ खगोलीय घटना देखी जाएगी। दोपहर के आसपास एक संक्षिप्त अवधि के लिए, लोग अपनी परछाइयों को पूरी तरह से गायब होते देखेंगे।
यह घटना केवल कर्क रेखा पर स्थित क्षेत्रों में होती है, जो मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों से होकर गुजरती है।
विज्ञान संचारक सारिका घारू के अनुसार, सूर्य 21 जून को दोपहर 1:57 बजे अपनी छह महीने की उत्तर दिशा (उत्तरायण) यात्रा पूरी करेगा।
यह यात्रा 21 दिसंबर को शुरू हुई और ग्रीष्म संक्रांति के दिन अपने चरम पर पहुंचती है, जब सूर्य उत्तरी गोलार्ध में अपने उच्चतम स्थान पर दिखाई देता है।
साल का सबसे लंबा दिन
21 जून को साल का सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात भी होती है। इस दिन सूर्य कर्क रेखा के ठीक ऊपर स्थित होता है।
परिणामस्वरूप, इन क्षेत्रों में वस्तुओं और लोगों पर दोपहर के समय लगभग कोई छाया नहीं पड़ती, जिससे हड़ताली शून्य छाया दिवस की घटना उत्पन्न होती है।

दोपहर के समय छाया लगभग शून्य हो जाती है।
शून्य छाया दिवस कैसा दिखेगा? सारिका घारू ने बताया कि स्थानीय सूर्य दोपहर के समय, यदि कोई व्यक्ति सीधा खड़ा हो या कोई सीधी वस्तु जमीन पर रखी हो, तो उसकी छाया पैरों के ठीक नीचे सिकुड़ जाती है और कुछ क्षणों के लिए पूरी तरह से गायब हो जाती है।
इस खगोलीय चमत्कार को कैसे देखें इस अद्भुत घटना को देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं है। लोगों को अपने शहर में निर्धारित समय से कुछ मिनट पहले किसी खुली जगह या छत पर पहुंच जाना चाहिए और छड़ी, पाइप या खुद को लेकर सीधे खड़े हो जाना चाहिए। सूर्य की दोपहर के समय छाया को गायब होते देखा जा सकता है।
इन जिलों में दिखेगा ये खास नजारा (सूर्य दोपहर के समय)
- शहडोल 12:06 PM
- उमरिया 12:09 PM
- कटनी 12:10 PM
- जबलपुर 12:12 PM
- दमोह 12:12 PM
- सागर 12:16 PM
- रायसेन 12:20 PM
- विदिशा 12:20 PM
- भोपाल 12:22 PM
- सीहोर 12:23 PM
- राजगढ़ 12:25 PM
- आगर मालवा 12:27 PM
- उज्जैन 12:28 PM
- रतलाम 12:31 PM

विज्ञान संचारक सारिका घारू के अनुसार सूर्य की उत्तरायण यात्रा 21 जून को दोपहर 1:57 बजे समाप्त होगी।
वैज्ञानिक महोत्सव देखने की अपील सारिका घारू ने खासतौर पर बच्चों और लोगों से अपील की है कि वे इस खगोलीय घटना को जरूर देखें और इस अनोखे वैज्ञानिक प्रयोग का हिस्सा बनें.
आज का दिन सिर्फ एक खगोलीय घटना नहीं है, बल्कि प्रकृति और विज्ञान के अद्भुत संगम का उत्सव है, जिसका अनुभव हर किसी को करना चाहिए।









