September 22, 2026 8:25 am

मॉस्को पर पलटवार: रूस के भीषण मिसाइल और ड्रोन हमलों से दहला कीव, 4 की मौत; आसमान में छाया काला धुआं

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध एक बार फिर अपने सबसे आक्रामक और विनाशकारी दौर में पहुंच गया है। मॉस्को और उसके सीमावर्ती क्षेत्रों पर यूक्रेन द्वारा किए गए हालिया ड्रोन हमलों के बाद अब रूस ने बदले की कार्रवाई शुरू कर दी है। रूसी सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव समेत कई प्रमुख रणनीतिक ठिकानों पर क्रूज मिसाइलों, बैलिस्टिक हथियारों और कामिकेज ड्रोनों से भीषण हमला बोला है। आसमान से बरसी मिसाइलों के चलते कीव दहल उठा, चारों तरफ सायरन गूंजने लगे और रिहायशी व बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 4 लोगों की जान चली गई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

हमले की शुरुआत तड़के हुई जब रूसी बमवर्षक विमानों और नौसैनिक जहाजों से एक के बाद एक दर्जनों मिसाइलें यूक्रेन की ओर दागी गईं। कीव के कई जिलों में हुए जोरदार धमाकों की आवाजें मीलों दूर तक सुनी गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके इतने जोरदार थे कि बहुमंजिला इमारतें हिल गईं और कई इलाकों की खिड़कियों के कांच टूट गए।

हमले के तुरंत बाद कई इमारतों में भीषण आग लग गई, जिसके चलते कीव के आसमान में कई किलोमीटर दूर से काले धुएं का विशाल गुबार देखा गया। स्थानीय बचाव दल और आपातकालीन सेवाएं तत्काल मौके पर पहुंचीं और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम शुरू किया गया। कीव के नगर प्रशासन ने नागरिकों से बंकरों और सुरक्षित स्थानों पर बने रहने की अपील जारी की है, क्योंकि हमले रुक-रुक कर कई लहरों में किए गए।

सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि रूस की यह कार्रवाई कोई सामान्य रणनीतिक अभियान नहीं, बल्कि मॉस्को और रूसी तेल डिपो पर यूक्रेनी ड्रोनों द्वारा किए गए हमलों का सीधा और करारा पलटवार है। पिछले कुछ दिनों में यूक्रेन ने लंबी दूरी के ड्रोनों का इस्तेमाल करते हुए रूसी सीमा के अंदर गहरे ठिकानों को निशाना बनाने का प्रयास किया था, जिसे क्रेमलिन ने अपनी संप्रभुता पर सीधा प्रहार माना था।

रूसी रक्षा मंत्रालय ने पहले ही स्पष्ट संकेत दिए थे कि रूसी क्षेत्र पर होने वाले किसी भी हमले का जवाब कीव के निर्णय लेने वाले केंद्रों और रणनीतिक सैन्य संपत्तियों पर कई गुना अधिक ताकत के साथ दिया जाएगा। आज के हमले इसी सैन्य नीति की पुष्टि करते हैं, जिसमें मुख्य रूप से ऊर्जा संयंत्रों, हथियार डिपो और सैन्य लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निशाना बनाया गया ताकि यूक्रेन की युद्धक क्षमता को कमजोर किया जा सके।

यूक्रेन की वायुसेना ने दावा किया है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने रूस द्वारा दागी गई कई मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया। हालांकि, हमलों की तीव्रता और अलग-अलग दिशाओं से एक साथ किए गए मिसाइल दागे जाने के कारण एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह से सभी प्रोजेक्टाइल को रोकने में असमर्थ रहा। मिसाइलों के मलबे और सीधे वार से कई आवासीय कॉलोनियों और बिजली उत्पादन से जुड़े सब-स्टेशनों को भारी नुकसान पहुंचा है।

हमले के बाद कई इलाकों में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हो गई है, जिसे बहाल करने के लिए आपातकालीन दल लगातार काम कर रहे हैं। प्रशासन ने आशंका जताई है कि मलबे को पूरी तरह हटाने के बाद हताहतों की संख्या में इजाफा हो सकता है, क्योंकि कई लोग अभी भी क्षतिग्रस्त इमारतों के नीचे दबे हो सकते हैं।

कीव पर हुए इस ताजा हमले ने यह साबित कर दिया है कि दोनों देशों के बीच तनाव किसी भी स्तर पर कम नहीं हो रहा है, बल्कि अब सीधे तौर पर एक-दूसरे की राजधानियों और बड़े शहरों को निशाना बनाने का सिलसिला शुरू हो चुका है। यूरोपीय संघ और पश्चिमी देश इस घटनाक्रम पर बारीक नजर बनाए हुए हैं, वहीं यूक्रेन की ओर से अपने पश्चिमी सहयोगियों से और अधिक उन्नत एयर डिफेंस प्रणालियों तथा लंबी दूरी के हथियारों की आपूर्ति तेज करने की मांग दोहराई जा रही है। युद्ध का यह नया मोड़ न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बेहद चिंताजनक है, बल्कि आने वाले दिनों में और बड़े सैन्य टकराव की ओर इशारा कर रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!