August 8, 2026 3:34 pm

BREAKING NEWS

JPSC Protest: ‘CM का सकारात्मक जवाब आएगा…’ हेमंत सोरेन के ‘दूत’ बन सुदिव्य कुमार ने की छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत; जानिए और क्या कहा? ‘ना पीछे हटेंगे ना सिर झुकाएंगे, आखिरी सांस तक…’, ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका-इजरायल को फिर चेताया,कहा- सीरिया समझने की गलती ना करें सपा सरकार में बिकते थे पेपर, खेतों पर बैठकर हल करते थे स्‍टूडेंट्स…राजभर ने SP पर साधा निशाना, बोले- परिवारवादी पार्टी ने छीन लिया पिछड़ों का हक‍ Jaipur: स्‍कूल बस को खाटूश्यामजी जा रही थी स्कॉर्पियो ने मारी सामने से टक्कर, पलट गए दोनों वाहन; 9 बच्चों की हालत गंभीर- VIDEO Jharkhand Exam Row: Govt Seeks Student Feedback मैं बाबा बागेश्वर तो नहीं हूं, लेकिन कुछ तो… PM मोदी ने IIT दिल्ली के स्टूडेंट्स से ऐसा क्यों कहा, ठहाकों से गूंज उठा ऑडिटोरियम- VIDEO

रूसी तेल खरीदारों पर चलेगा चाबुक? अमेरिका की सीनेट से पास हुआ बिल; भारत समेत 5 देशों पर 100% टैरिफ का खतरा

US Russia Sanctions Bill: US सीनेट (अमेरिकी राज्यसभा) ने शुक्रवार को रूस और उसके पेट्रोलियम उत्पादों के मुख्य खरीदारों (जैसे चीन और भारत) पर फाइन लगाने वाला एक अहम बिल पास कर दिया है। उनका तर्क यह है कि इस तरह का व्यापार यूक्रेन युद्ध को बढ़ावा देता है।

सीनेट ने 86-11 वोटों के बड़े अंतर से इस बिल को पास कर दिया है। अब इसका नाम बदलकर ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ रखा गया है। इस बिल में उन देशों के सामान पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का प्रावधान है, जो रूस से तेल-गैस की खरीदारी करते हैं।

रूसी तेल और गैस के टॉप पांच खरीदार देश

वर्तमान में रूसी तेल और गैस के टॉप पांच खरीदार हैं। लिस्ट में चीन सबसे ऊपर बना हुआ  है। इसके बाद दूसरे नंबर पर भारत सबसे बड़ा खरीदार है, जबकि अजरबैजान,  हंगरी और स्लोवाकिया लिस्ट में अगले प्रमुख आयातक देश हैं। ऐसे में अमेरिका ब्रह्मास्त्र चलाते हुए इन सभी देशों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। कुल मिलाकर अमेरिका और रूस के बीच चल रही तनातनी का असर भारत पर भी पड़ने की आशंका है।

सबसे पहले अमेरिकी सीनेट में क्या आइए समझते हैं। रूस पर सख्त प्रतिबंध लगाने वाला अहम बिल अमेरिका सीनेट ने शुक्रवार को पास कर दिया है। यह अब अमेरिकी प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (अमेरिकी संसद का निचला सदन) के पास जाएगा। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स से मंजूरी मिलने और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के बाद यह कानून में तब्दील हो सकेगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि अभी भारत पर 100 फीसदी टैरिप लागू नहीं हुआ है। हालांकि, इस बिल के चलते भारत समेत सभी पांच देशों पर 100% तक टैरिफ लगाए जाने का खतरा बना हुआ है।

ईरान पर भी लगेगा भारी जुर्माना?

रूस के अलावा यह बिल ‘ईरान सैंक्शन एक्ट ऑफ 1996’ की समयसीमा को साल 2031 तक बढ़ा देगा। इस कानून के तहत ईरान के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

वोटिंग के बाद क्या बोले ब्लूमेंथल?

दोनों दलों के समर्थन वाले इस बिल को रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम (जिनका बीती 11 जुलाई को निधन हो गया) और डेमोक्रेट रिचर्ड ब्लूमेंथल ने संयुक्त रूप से आगे बढ़ाया था।

वोटिंग के बाद ब्लूमेंथल ने संवाददाताओं से कहा, ‘ये कड़े प्रतिबंध और टैरिफ उन सभी ताकतों को रोक देंगे, जो इस जानलेवा, आपराधिक और आक्रामक युद्ध को बढ़ावा दे रही हैं।’ दूसरी ओर, कुछ डेमोक्रेट्स ने आगाह किया है कि यह बिल डोनाल्ड ट्रंप को टैरिफ से जुड़े नए और व्यापक अधिकार सौंप देगा, जबकि ट्रंप पहले से ही अपनी व्यापार नीति में ऐसे शुल्कों को प्रमुखता देते रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!