
नई दिल्ली। वजन कम करने (Weight Loss) और शरीर को सुडौल बनाने के लिए अक्सर लोग भारी वजन उठाने (Weight Lifting) या घंटों ट्रेडमिल पर दौड़ने को ही एकमात्र उपाय मानते हैं। लेकिन अगर आप जोड़ों पर अत्यधिक दबाव डाले बिना शरीर की गहरी मांसपेशियों (Deep Core Muscles) को मजबूत करना चाहते हैं, तो पिलेट्स (Pilates) एक अत्यंत प्रभावी वर्कआउट पद्धति है। पिलेट्स शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, लचीलापन (Flexibility) बढ़ाता है और पूरे शरीर की मांसपेशियों को लीन (Lean Muscle Mass) बनाकर फैट बर्निंग प्रक्रिया को गति देता है।
वजन घटाने और कोर को मजबूत करने के लिए 5 सबसे बेहतरीन और लोकप्रिय पिलेट्स व्यायाम:
‘द हंड्रेड’ पिलेट्स का क्लासिक और सबसे बुनियादी वार्म-अप व फैट-बर्निंग व्यायाम है। यह कोर को एक्टिवेट करता है और फेफड़ों की क्षमता तथा रक्त संचार को तेजी से बढ़ाता है।
करने का तरीका:
मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं।
पैरों को मोड़कर हवा में टेबलटॉप पोजीशन (घुटने 90 डिग्री के कोण पर) में लाएं, या अधिक तीव्रता के लिए 45 डिग्री के कोण पर सीधा फैलाएं।
सिर, गर्दन और कंधों को जमीन से थोड़ा ऊपर उठाएं और दोनों हाथों को कूल्हों के समानांतर जमीन से 2-3 इंच ऊपर रखें।
अब हाथों को हल्का-हल्का ऊपर-नीचे पंप करें। 5 गिनती तक गहरी सांस अंदर लें (Inhale) और 5 गिनती तक सांस बाहर छोड़ें (Exhale)।
इस चक्र को 10 बार दोहराएं (कुल 100 पंप)।
फायदा: यह पेट की मांसपेशियों (Rectus Abdominis) को गहराई से लक्षित करता है और तेजी से कैलोरी बर्न करता है।
यह व्यायाम पेट के साइड्स (Love Handles) और ऑब्लिक्स (Obliques) की चर्बी को घटाने के लिए सबसे प्रभावी माना जाता है।
करने का तरीका:
पीठ के बल लेटें और दोनों हाथों की उंगलियों को सिर के पीछे हल्के से रखें (गर्दन पर दबाव न डालें)।
दोनों पैरों को टेबलटॉप पोजीशन में उठाएं।
सांस छोड़ते हुए धड़ को दाईं ओर घुमाएं और बाएं कंधे को दाएं घुटने की ओर ले जाएं, साथ ही बाएं पैर को सीधा आगे फैलाएं।
सांस लेते हुए केंद्र में आएं और फिर दूसरी तरफ इसी प्रक्रिया को दोहराएं (दायां कंधा बाएं घुटने की ओर)।
दोनों तरफ 12 से 15 बार नियंत्रित गति से करें।
फायदा: कमर के घेरे (Waistline) को कम करने और पेट की साइड मसल्स को टोन करने में मदद करता है।
रोल-अप सामान्य सिट-अप्स की तुलना में कई गुना अधिक प्रभावी है क्योंकि इसमें गति (Momentum) के बजाय मांसपेशियों के पूर्ण नियंत्रण और ताकत का उपयोग होता है।
करने का तरीका:
पैरों को सीधा फैलाकर जमीन पर लेट जाएं और हाथों को सिर के पीछे सीधा रखें।
सांस लेते हुए हाथों को छत की ओर उठाएं।
सांस छोड़ते हुए पेट की मांसपेशियों को सिकोड़ते हुए रीढ़ की हड्डी को एक-एक वर्टिब्रा (Vertebra) करके धीरे-धीरे ऊपर उठाएं।
पूरी तरह बैठकर आगे झुकें और पैरों की उंगलियों को छूने का प्रयास करें (पीठ का आकार C-curve जैसा होना चाहिए)।
सांस लेते हुए उसी नियंत्रित गति से धीरे-धीरे वापस लेटने की मुद्रा में आएं।
इसे 6 से 8 बार दोहराएं।
फायदा: यह पेट की ऊपरी और निचली चर्बी को कम करता है तथा रीढ़ के लचीलेपन में सुधार करता है।
प्लैंक पूरे शरीर की ताकत का परीक्षण करता है। जब इसमें लेग लिफ्ट को जोड़ा जाता है, तो यह लोअर बॉडी और कोर दोनों को एक साथ चुनौती देता है।
करने का तरीका:
फोरआर्म या हथेलियों के बल एक मजबूत प्लैंक पोजीशन में आएं (कंधे कलाई के सीध में और शरीर सिर से पैर तक एक सीधी रेखा में हो)।
कोर को कसकर रखें। अब सांस छोड़ते हुए अपने दाएं पैर को जमीन से 6-8 इंच ऊपर उठाएं।
पैर उठाते समय कूल्हों को स्थिर रखें और उन्हें ऊपर न उठने दें।
2 सेकंड रुकें और पैर नीचे लाएं। फिर बाएं पैर से यही दोहराएं।
प्रत्येक पैर से 10-12 बार करें।
फायदा: कोर के साथ-साथ ग्लूट्स (Hips) और हैमस्ट्रिंग्स की चर्बी घटाने और उन्हें टाइट करने में बेहद मददगार है।
यह व्यायाम शरीर के पिछले हिस्से (Posterior Chain) यानी पीठ, हिप्स और जांघों को लक्षित करता है और रीढ़ के संतुलन को दुरुस्त करता है।
करने का तरीका:
पेट के बल लेट जाएं और दोनों हाथों व पैरों को सीधा फैलाएं।
सांस छोड़ते हुए सिर, छाती, हाथ और पैरों को जमीन से थोड़ा ऊपर उठाएं।
अब दाएं हाथ और बाएं पैर को एक साथ थोड़ा और ऊपर उठाएं।
तुरंत विपरीत दिशा में बदलें—बायां हाथ और दायां पैर ऊपर उठाएं (जैसे पानी में तैर रहे हों)।
लयबद्ध तरीके से सांस लेते हुए इस गति को 30 से 45 सेकंड तक जारी रखें।
फायदा: पीठ की चर्बी (Back Fat) को घटाता है, पोस्चर में सुधार करता है और कमर दर्द से राहत दिलाता है।
पिलेट्स करते समय ध्यान रखने योग्य जरूरी सुझाव
सांस लेने की तकनीक (Pilates Breathing): पिलेट्स में सांस का नियंत्रण बेहद जरूरी है। हमेशा नाक से गहरी सांस लें और मुंह से सांस को नियंत्रित गति से छोड़ें।
क्वालिटी बनाम क्वांटिटी: पिलेट्स में दोहराव (Reps) की संख्या से ज्यादा महत्व इस बात का है कि मूवमेंट कितना सटीक और नियंत्रित है। झटके से कोई भी व्यायाम न करें।
आहार का संतुलन: पिलेट्स के साथ प्रोटीन, फाइबर और संतुलित पोषक तत्वों से भरपूर कैलोरी डेफिसिट (Calorie Deficit) डाइट अपनाएं, जिससे फैट बर्न होने की गति दोगुनी हो सके।
सप्ताह में 3 से 4 दिन इन 5 पिलेट्स व्यायामों का अभ्यास करने से न केवल अतिरिक्त वजन कम होगा, बल्कि शरीर मजबूत, लचीला और सुडौल बनेगा।
















