
NEET परीक्षा में अनियमितता और शिक्षा सुधारों को लेकर दिल्ली में चल रहे CJP आंदोलन को लेकर बॉलीवुड दो धड़ों में बंट गया है. एक तरफ शबाना आजमी और प्रकाश राज जैसे वरिष्ठ कलाकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी सांसद कंगना रनौत और हेमा मालिनी ने इस विरोध को गलत बताया है.
सोमवार को मॉनसून सत्र के दौरान संसद मार्च को लेकर दिल्ली में जमकर हंगामा हुआ, जिसके बाद कई फिल्मी सितारों ने भी सोशल मीडिया के जरिए इस आंदोलन पर अपनी राय रखी.


जंतर-मंतर पहुंचे शबाना आजमी और प्रकाश राज सीजेपी के विरोध मार्च में शामिल होने के लिए वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी सोमवार को दिल्ली पहुंचीं। 75 वर्षीय अभिनेत्री को प्रदर्शनकारियों के साथ एक ट्रक में यात्रा करते और बैरिकेड पार करते हुए देखा गया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि सरकार आखिरकार बातचीत के लिए राजी हो गई है.
यह जंतर मंतर पर शिक्षा सुधारों के लिए एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन है। प्रदर्शन के दौरान शबाना आजमी सांस लेने के लिए संघर्ष करती नजर आईं, लेकिन वह शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच की मांग पर अड़ी रहीं.

अन्य कलाकारों की अनुपस्थिति पर शबाना की प्रतिक्रिया जब समाचार एजेंसी पीटीआई ने उनसे बॉलीवुड हस्तियों की अनुपस्थिति के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि लोग केवल फिल्मी सितारों की अनुपस्थिति के बारे में बात करते हैं. बड़े व्यवसायियों या उद्योगपतियों की भागीदारी न होने पर कोई सवाल नहीं उठाता। ऐसे सवाल मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाते हैं और अनावश्यक विवाद पैदा करते हैं।

कंगना ने इस आंदोलन को दबाव बनाने की कोशिश बताया उधर, बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनौत ने इस आंदोलन की कड़ी आलोचना की है. संसद भवन के बाहर मीडिया से बात करते हुए कंगना ने कहा कि मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए संसद सही जगह है, सड़कें नहीं. उन्होंने कहा कि जनता ने सरकार चुनी है और सरकार चलाने का फैसला उनका होना चाहिए.
कंगना ने कहा कि ये सभी लोग जंतर-मंतर पर हंगामा और उपद्रव कर रहे हैं. जिस तरह से आंदोलन चल रहा है वह ठीक नहीं है. विरोध प्रदर्शन के जरिए सरकार को यह तय करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता कि किसे पद पर रखा जाए और किसे हटाया जाए।

हेमा मालिनी ने कहा- छात्रों को गुमराह न करें बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने भी न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में इस विरोध का विरोध किया. उन्होंने कहा कि ऐसे आंदोलनों से कुछ हासिल नहीं होगा. मोदी सरकार देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था के विकास के लिए लगातार काम कर रही है. हेमा मालिनी ने कहा कि इस मामले को बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए और इससे जुड़े छात्रों को गुमराह नहीं किया जाना चाहिए. हालांकि, उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
इन बड़ी हस्तियों ने भी किया आंदोलन का समर्थन जमीनी स्तर पर जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन में शबाना आजमी और प्रकाश राज के अलावा कुणाल कामरा और स्वरा भास्कर भी शामिल हो गए हैं। इस बीच सोनी राजदान, जीनत अमान, अभय देओल, नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, ओमी वैद्य और सोनाक्षी सिन्हा ने सोशल मीडिया के जरिए इस मुहिम का समर्थन किया है।
गीतकार जावेद अख्तर ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखकर इस मामले पर बातचीत शुरू करने की मांग की है. उनके अलावा विशाल ददलानी, दीया मिर्जा और फिल्म निर्माता ओनिर ने भी प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता व्यक्त की है।









