August 1, 2026 1:16 am

सहकारिता के माध्यम से कृषि में तकनीकी क्रांति: धमतरी बना देश का पहला जिला, 10 प्राथमिक कृषि साख समितियों से शुरू हुई ड्रोन सेवा

रायपुर, 31 जुलाई 2026

सहकारिता के माध्यम से कृषि में तकनीकी क्रांति: धमतरी बना देश का पहला जिला, 10 प्राथमिक कृषि साख समितियों से शुरू हुई ड्रोन सेवा

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले ने कृषि के आधुनिकीकरण और सहकारिता आधारित नवाचार के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान स्थापित की है। सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की “सहकार से समृद्धि” की परिकल्पना को साकार करते हुए धमतरी देश का पहला जिला बन गया है, जहाँ 10 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को संगठित रूप से ड्रोन सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। इस अभिनव पहल के लिए शुक्रवार को रायपुर में आयोजित सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के 17वें स्थापना दिवस समारोह में जिले को राज्य स्तरीय सम्मान से सम्मानित किया गया।

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने जिला सहकारिता विभाग के उपायुक्त श्री प्रदीप ठाकुर को यह सम्मान प्रदान किया। उन्होंने कहा कि सहकारिता संस्थाओं के माध्यम से आधुनिक तकनीक को किसानों तक पहुँचाने की यह पहल कृषि क्षेत्र में परिवर्तनकारी साबित होगी और अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।

कलेक्ट्रेट परिसर धमतरी में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के कर्मचारियों के लिए ड्रोन तकनीक का विशेष प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने ड्रोन आधारित फसल प्रबंधन, कीटनाशकों एवं नैनो उर्वरकों के वैज्ञानिक छिड़काव, कम समय में अधिक क्षेत्र में कार्य, श्रम लागत में कमी, संसाधनों के संतुलित उपयोग तथा पर्यावरण संरक्षण में ड्रोन तकनीक की उपयोगिता से अवगत कराया।

प्रशिक्षण के बाद लोहरसी, दोनर, खरेंगा, अछोटा, बोड़रा, भोथीडीह, करेली, कुण्डेल, गाड़ाडीह एवं जुगदेही की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों ने किसानों को किराये पर ड्रोन सेवा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। इससे किसान आधुनिक तकनीक का उपयोग कर कम लागत में अधिक प्रभावी एवं वैज्ञानिक खेती कर सकेंगे।

इस पहल का शुभारंभ 23 जुलाई 2026 को प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित लोहरसी से सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने किया था। उन्होंने किसानों से नई तकनीकों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा था कि ड्रोन आधारित कृषि से खेती अधिक वैज्ञानिक, सुरक्षित और लाभकारी बनेगी। इससे उर्वरकों एवं कीटनाशकों का सटीक उपयोग होगा, उत्पादन लागत घटेगी तथा किसानों की आय में वृद्धि होगी।

उल्लेखनीय है कि धमतरी की इस अभिनव पहल को इससे पूर्व कोलकाता में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में भी सराहना मिल चुकी है, जहाँ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा ने कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए ड्रोन सेवा के सफल क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त किया था।

धमतरी का यह मॉडल सहकारिता, नवाचार और आधुनिक तकनीक के प्रभावी समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। यह पहल प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और सहकार से समृद्धि के संकल्प को जमीनी स्तर पर साकार करने के साथ-साथ प्रिसिजन फार्मिंग को बढ़ावा दे रही है। इससे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, कृषि कार्यों की दक्षता में वृद्धि और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ रहे हैं।

धमतरी की यह उपलब्धि अब देशभर के लिए प्रेरणा बन रही है और सहकारिता आधारित कृषि नवाचार के एक सफल राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित हो रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!