
हरियाणा के सोनीपत जिले से पालतू कुत्तों की खतरनाक प्रवृत्ति और मालिकों की लापरवाही का एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। शहर में एक खतरनाक नस्ल के पिटबुल कुत्ते ने महज 6 महीने के एक मासूम बच्चे पर अचानक जानलेवा हमला कर दिया, जिससे बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। इस खौफनाक हादसे के बाद से पीड़ित परिवार सदमे में है, वहीं बच्चे की दादी का दर्द छलक कर सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद से कुत्ते का मालिक न सिर्फ अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है, बल्कि अस्पताल के भारी-भरकम खर्च को देने से भी साफ इनकार कर रहा है। गूगल डिस्कवर, बिंग एईओ, एसईओ और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए, आइए सोनीपत की इस सनसनीखेज और दर्दनाक घटना के हर पहलू की गहराई से समीक्षा करते हैं।
सोनीपत में पिटबुल कुत्ते का मासूम बच्चे पर खौफनाक हमला
घटना हरियाणा के सोनीपत जिले की है, जहां पालतू कुत्तों के खौफ ने एक बार फिर आम नागरिकों की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, एक घर के बाहर या पास के इलाके में 6 महीने का मासूम बच्चा अपनी दादी या परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मौजूद था, तभी अचानक एक आक्रामक पिटबुल कुत्ता वहां आ धमका और उसने बच्चे पर हमला कर दिया। पिटबुल जैसी खतरनाक नस्ल के कुत्ते की ताकत इतनी ज्यादा होती है कि एक छोटे बच्चे के लिए उसका सामना करना नामुमकिन है। कुत्ते ने मासूम को अपने जबड़े में दबोच लिया, जिससे उसके शरीर पर गहरे और गंभीर घाव हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने बड़ी मुश्किल से कुत्ते को भगाकर बच्चे की जान बचाई, लेकिन तब तक बच्चा बुरी तरह लहूलुहान हो चुका था। इस घटना के बाद से पूरे इलाके के लोगों में पालतू कुत्तों को लेकर भारी दहशत और गुस्सा व्याप्त है।
दादी का छलका दर्द: बोलीं- ‘इलाज का खर्च देने से इनकार कर रहा है कुत्ते का मालिक’
इस भयानक हादसे में बाल-बाल बचे मासूम बच्चे की दादी का रो-रोकर बुरा हाल है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने अपना दर्द बयां किया और बताया कि कैसे उनके परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दादी ने आरोप लगाया कि घटना के तुरंत बाद जब उन्होंने कुत्ते के मालिक से संपर्क किया और बच्चे के इलाज के भारी खर्च को उठाने की बात कही, तो मालिक ने मदद करने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है कि रईसी और दबंगई के दम पर कुत्ते के मालिक अपनी गलती मानने को तैयार नहीं हैं और गरीब परिवार को अस्पताल के बिल चुकाने के लिए अकेला छोड़ दिया गया है। एक तरफ जहां मासूम पोता अस्पताल के आईसीयू या वार्ड में दर्द से करा रहा है, वहीं दूसरी तरफ परिवार न्याय और मुआवजे के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।
खतरनाक डॉग्स ब्रीड और प्रशासनिक नियमों पर उठते गंभीर सवाल
सोनीपत की यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से पिटबुल, रोटवाइलर जैसे खतरनाक कुत्तों द्वारा बच्चों और बुजुर्गों पर हमलों की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। इसके बावजूद कई लोग बिना उचित लाइसेंस और सुरक्षा उपायों के रिहायशी इलाकों में इन खूंखार नस्लों को पालते हैं। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के नियमों के मुताबिक, खतरनाक कुत्तों को पालने के लिए कड़े दिशानिर्देश और मजल (मुंह बांधने वाला पट्टा) लगाने के सख्त आदेश होते हैं, लेकिन धरातल पर इन नियमों का पालन कराने में प्रशासन अक्सर विफल साबित होता है। इस ताजा मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे लापरवाह कुत्ते के मालिकों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और पिटबुल जैसे खतरनाक कुत्तों के पालने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए।
पुलिस में शिकायत दर्ज और न्याय की उम्मीद लगाए बैठा पीड़ित परिवार
घटना की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज करा दी है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए कुत्ते के मालिक के खिलाफ प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है, और दोषी पाए जाने वाले कुत्ते के मालिक को बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी ओर, सोनीपत के आम नागरिकों और पशु प्रेमियों के बीच इस बात को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है कि पालतू जानवरों की हिंसक प्रवृत्ति के लिए सीधे तौर पर उनके मालिकों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। फिलहाल, पूरा इलाका इस मानवीय संवेदना को झकझोर देने वाली घटना से सन्न है और मासूम बच्चे के जल्द स्वस्थ होने की दुआ मांग रहा है।









