
राजस्थान के झुंझुनूं जिले से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला खौफनाक हादसा सामने आया है। यहां 11000 केवी (KV) की हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से 8 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। यह हादसा उस वक्त हुआ जब मजदूर अपने दैनिक कार्य में लगे हुए थे और अचानक एक लोहे का ढांचा या वाहन ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन तारों के संपर्क में आ गया। बिजली की उच्च शक्ति वाले तार की चपेट में आते ही चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते कई जिंदगियां पल भर में खत्म हो गईं। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम और कोहराम पसरा हुआ है, वहीं स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
यह बेहद दर्दनाक हादसा झुंझुनूं जिले के स्थानीय ग्रामीण/औद्योगिक क्षेत्र में उस समय घटा जब वहां मजदूर काम कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काम के दौरान एक लोहे की भारी सीढ़ी या निर्माण उपकरण को स्थानांतरित किया जा रहा था, जो गलती से ऊपर से गुजर रही 11000 केवी की नंगी हाईटेंशन लाइन से छू गया। संपर्क में आते ही पूरे ढांचे में अत्यंत तेज गति से करंट फैल गया। लोहे के ढांचे को पकड़े हुए 8 मजदूर करंट की भीषण चपेट में आ गए और मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़े। वहां मौजूद अन्य साथियों ने जब यह खौफनाक मंजर देखा तो पूरे इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों और साथी मजदूरों ने भारी मशक्कत और किसी तरह बिजली कटवाकर पीड़ितों को दूर करने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
हादसे की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस और एंबुलेंस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम और ग्रामीणों की मदद से सभी झुलसे हुए मजदूरों को तुरंत नजदीकी बीडीके अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने 8 मजदूरों को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से झुलसे अन्य मजदूरों का गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में इलाज चल रहा है। मृत मजदूरों की पहचान स्थानीय और पड़ोसी जिलों के रहने वाले श्रमिकों के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। मौत की खबर जैसे ही उनके गांवों और परिवारों तक पहुंची, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए झुंझुनूं जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक तुरंत घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी और घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए। प्राथमिक जांच में बिजली विभाग द्वारा ढीली लटकी हुई हाईटेंशन लाइनों की अनदेखी और सुरक्षा मानकों में बड़ी चूक की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि इस 11000 केवी की तार को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रशासन ने मामले की गहनता से जांच के लिए जांच कमेटी का गठन कर दिया है और यह स्पष्ट किया है कि यदि बिजली विभाग या ठेकेदार की लापरवाही सिद्ध होती है तो दोषियों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों, परिजनों और मजदूर संगठनों में बिजली प्रशासन और ठेकेदार के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। गुस्साए लोगों ने अस्पताल परिसर और घटनास्थल के पास एकत्र होकर विरोध जताया और दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा, घायलों का मुफ्त इलाज और मृतक के परिजनों को सरकारी सहायता देने की पुरजोर मांग की जा रही है। जिला प्रशासन ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि आपदा राहत कोष और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत हर संभव आर्थिक मदद तुरंत प्रदान की जाएगी।









