CG: हौसलों की उड़ान : सीआरपीएफ जवान से पैरा तीरंदाज बने तोमन कुमार ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रचा इतिहास

CG: हौसलों की उड़ान : सीआरपीएफ जवान से पैरा तीरंदाज बने तोमन कुमार ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रचा इतिहास

नक्सल ऑपरेशन में आईईडी ब्लास्ट में पैर खोने के बाद खेल को बनाया अपना संबल, छत्तीसगढ़ के लिए जीता स्वर्ण और रजत पदक

रायपुर, 2 फरवरी 2026

जब इरादे मजबूत हों, तो विपरीत परिस्थितियाँ भी रास्ता रोक नहीं पातीं। बिलासपुर के राज्य प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण ले रहे पैरा तीरंदाज तोमन कुमार ने इसे साकार कर दिखाया है। उन्होंने 7वीं एनटीपीसी पैरा राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।

पंजाब के एनएसआईएस पटियाला में 30 जनवरी से 2 फरवरी तक आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में श्री तोमन कुमार ने व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक तथा टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर राज्य को दोहरी सफलता दिलाई। टीम स्पर्धा में उन्होंने श्री अमित कीर्तनिया के साथ मिलकर यह उपलब्धि हासिल की। श्री तोमन कुमार पिछले दो वर्षों से बिलासपुर आर्चरी एकेडमी में तीरंदाजी का नियमित प्रशिक्षण ले रहे हैं। वे छत्तीसगढ़ पैरा तीरंदाजी टीम के मुख्य प्रशिक्षक श्री मनमोहन पटेल के मार्गदर्शन में अभ्यास कर रहे हैं। उनकी उपलब्धियों में प्रशिक्षक श्री पंकज सिंह का भी महत्वपूर्ण योगदान है।

बालोद जिले के श्री तोमन कुमार सीआरपीएफ के जवान रह चुके हैं। नक्सल ऑपरेशन के दौरान आईईडी ब्लास्ट में उन्होंने अपना बायाँ पैर खो दिया, लेकिन इस कठिन हादसे ने उनके हौसले को कमजोर करने के बजाय और अधिक सशक्त बना दिया। जीवन की इस बड़ी चुनौती के बाद उन्होंने खेल को अपना संबल बनाया और पैरा तीरंदाजी में नया मुकाम हासिल किया। पैरा ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश के लिए पदक जीतना उनका सपना है।

श्री तोमन कुमार वर्ष 2017 तक सक्रिय रूप से देश सेवा में कार्यरत रहे और आज भी उसी राष्ट्रभक्ति और जज़्बे के साथ खेल के मैदान में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता से बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में खेल प्रेमियों में उत्साह और गर्व का माहौल है। उनकी संघर्ष गाथा न केवल पैरा खिलाड़ियों, बल्कि सामान्य युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है।

श्री तोमन कुमार अपनी उपलब्धियों और जज्बे से केवल एक सफल पैरा तीरंदाज ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के पैरा खेल जगत के लिए यूथ-आइकॉन के रूप में उभरकर सामने आए हैं। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश में पैरा खेलों को नई पहचान, आत्मविश्वास और दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उनकी उपलब्धि पर खेल अधिकारी श्री ए. एक्का सहित विभिन्न खेल संघों से जुड़े अधिकारियों ने शुभकामनाएं दी हैं।

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