त चयनित देश की 100 प्रमुख परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ की एकमात्र बगिया दाबयुक्त सिंचाई योजना शामिल है। लगभग 119 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना से 14 गांवों के लगभग 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। पाइपलाइन के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने वाली इस योजना से भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता भी नहीं होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लिए देश के चयनित 100 जिलों में छत्तीसगढ़ के केवल तीन जिले—दंतेवाड़ा, कोरबा और जशपुर—शामिल किए गए हैं, जिससे जिले के कृषि विकास को नई गति मिलेगी।
सुशासन और डिजिटल सेवाओं से ग्रामीणों को मिल रही सुविधा
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में सुशासन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए गुड गवर्नेंस एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। अधिकांश शासकीय कार्य अब ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से संचालित हो रहे हैं तथा भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से 400 से अधिक नागरिक सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनका लाभ लोग घर बैठे प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश की 6 हजार ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां ग्रामीणों को बैंकिंग एवं डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की जानकारी देते हुए कहा कि अब नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे दर्ज करा सकते हैं। 24×7 संचालित इस व्यवस्था से 42 विभागों के 8 हजार से अधिक अधिकारी जुड़े हैं और प्रत्येक शिकायत के समयबद्ध निराकरण की निगरानी की जा रही है।
कार्यक्रम में पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल श्री रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कुमार बेसरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष श्री यशप्रतापसिंह जूदेव सहित बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।






