जब हम एक-दूसरे की भाषा, कला और संस्कृति से एकाकार होते है तो राष्ट्र की एकता और अखंडता और मजबूत होती है – राज्यपाल श्री डेका

रायपुर, 21 जून 2026

लोकभवन में मनाया गया विभिन्न राज्यों का स्थापना दिवस

लोकभवन में मनाया गया विभिन्न राज्यों का स्थापना दिवस

लोकभवन में मनाया गया विभिन्न राज्यों का स्थापना दिवस

राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में आज लोकभवन में 3 राज्यों का स्थापना दिवस हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया।
लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत‘ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस समारोह में पश्चिम बंगाल, गोवा और तेलंगाना राज्यों का स्थापना दिवस हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राज्यपाल ने सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि जब हम एक-दूसरे की भाषा, कला, संस्कृति और जीवन-शैली से एकाकार होते हैं, तो राष्ट्र की एकता और अखंडता और मजबूत होती है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य एक-दूसरे राज्य की संस्कृति को जानना और आदान-प्रदान करना है।
राज्यपाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल ने हमें कई ऐसे महापुरूष दिए है जिन्होंने देश और समाज की दिशा ही बदल दी। बंकिमचंद्र चटर्जी के वंदे मातरम् गीत ने सारे देश में जागरण लाया। स्वामी विवेकानंद ने भारत की संस्कृति का पूरे विश्व में प्रचार-प्रचार किया। ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने विधवा पुनर्विवाह का समर्थन कर समाज को नई दिशा दी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आजादी की लड़ाई में बहुत बड़ी भूमिका निभाई । उन्होंने कहा कि बंगाल में समृद्ध व्यापार के साथ-साथ समृद्ध संस्कृति भी रही है।
उन्होंने गोवा राज्य का जिक्र करते हुए कहा कि भारत का यह सबसे छोटा राज्य क्षेत्रफल में भले ही लघु हो किन्तु इसकी सांस्कृतिक समृद्धि अतुलनीय है। यहां पुर्तगाली और भारतीय संस्कृति का अनोखा मिश्रण दिखाई देता है। पर्यटन को आगे बढ़ाने के लिए यह राज्य अग्रणी है। उन्होंने तेलंगाना राज्य की विशेषताओं का भी जिक्र करते हुए कहा कि हैदराबाद आईटी और तकनीकी क्षेत्र में विश्व के अग्रणी केन्द्र के रूप में जाना जाता है।
श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ और इन तीनों राज्यों के मध्य सांस्कृतिक, आर्थिक और मानवीय संबंध बहुत गहरे हैं। हमारे प्रदेश के लोग भी इन राज्यों की सांस्कृतिक यात्राओं से समृद्ध होते हैं और अपनी परंपराओं को उनके साथ साझा करते हैं। एक दूसरे से सीखना, एक दूसरे से जुड़ना और मिलकर एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव रखना यही ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ की वास्तविक भावना है।
समारोह में राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों की विशेषताओं, परंपरा, संस्कृति पर प्रकाश डाला। समारोह में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सभी राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले हुए सम्मानित

कार्यक्रम में राज्यपाल ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियांे को सम्मानित किया। जगदलपुर के ट्री मेन  और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करने वाले श्री सम्पत झा सहित श्रीमती रिनी छाबड़ा, श्रीमती सीमा गुप्ता, श्रीमती ललिता पैकरा और श्रीमती तूलिका पाण्डेय को राज्यपाल ने स्मृति चिन्ह प्रदान किया।
कार्यक्रम में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना, राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे, लोकभवन के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा इन सभी राज्यों के प्रतिनिधियों के रूप में युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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